Newswahni

मुद्दे पर क्यों चुप थे राघव चड्ढा राज्यसभा में खुद बताई वजह कहा अटेंडेंस लगाने नहीं सिस्टम फिक्स करने आया हूं…



Anti Paper Leak Bill: एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में पास हो गया। गुरुवार (30 जुलाई) को बिल पर लंबी चर्चा चली, जिसमें कई सांसदों ने हिस्सा लिया और अपने अपने विचार रखे। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बिल का समर्थन किया। उन्होंने सदन में यह भी बताया कि वे इस मुद्दे पर अब तक चुप क्यों थे?

‘मुझे हेडलाइन नहीं, आउटकम चाहिए’

राघव ने कहा कि मेरे शुभचिंतकों पूछ रहे थे कि राघव चड्ढा आप नीट के मुद्दे पर कब बोलोगे? उन्होंने कहा कि जब मैं विपक्ष में बैठता था तब सवाल मेरा हथियार था, आज समाधान मेरी जिम्मेदारी है। मुझे हेडलाइन नहीं, आउटकम चाहिए। जब मैं विपक्ष में था तब मेरा काम मुद्दे और सवाल उठाना, मैंने वो काम पूरी ईमानदारी से किया, लेकिन आज मेरा रोल कैमरे के सामने अटेंडेंस लगाना नहीं, मेरा फोकस सिस्टम को फिक्स करने का है। इसलिए मैंने अपने आप से वादा किया है कि मैं इस मुद्दे पर संसद में बोलूंगा और उस दिन बोलूंगा जब हम प्रॉब्लम सॉल्व कर रहे होंगे और आज वो ऐतिहासिक दिन है।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी बीमारी का परमानेंट इलाज करना होगा, जैसे कैंसर का इलाज क्रोसिन खिलाकर नहीं किया जा सकता, ठीक वैसे ही पेपर लीक का इलाज मीडिया साउंड बाइट से नहीं संस्थागत समाधान से होगा, जो आज हमारी सरकार इस बिल के माध्यम से करने जा रही है। राघव ने कहा कि अपराधी के मन में खौफ पैदा करने के लिए एक ऐसा कानून सरकार लेकर आई है, जिसके पास होने के बाद कोई सपने में भी अगर पेपर लीक करने का सोचेगा तो उसकी रूंह कांप जाएगी।

पंजाब और कर्नाटक में पेपर लीक की घटनाओं का किया जिक्र

संसद में बोलते हुए राघव ने विपक्ष को भी जमकर घेरा। उन्होंने पंजाब और कर्नाटक में पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र किया। सांसद ने कहा कि जब बात जवाबदेही और नैतिकता की हो, तो यह इस बात से तय नहीं होना चाहिए कि पेपर लीक किस राज्य या किस पार्टी की सरकार में हुआ है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ से लाइव चीटिंग हुई, जहां गिरोह 13-13 लाख रुपये ले रहा था। इसके अलावा पंजाब में नायब तहसीलदार परीक्षा और 12वीं के अंग्रेजी पेपर लीक जैसे मामले भी सामने आए।

राघव ने 2016 के कर्नाटक का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान 12वीं का केमिस्ट्री का बोर्ड पेपर लीक हुआ था। रद्द करने के बाद 20 दिन बाद कराया गया री-एग्जाम भी दोबारा लीक हो गया। स्टेट CID की जांच में मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर के पीए को गिरफ्तार किया गया, जो 10-10 लाख रुपये लेकर पेपर बेच रहा था। इसके बावजूद मंत्री जी ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने से यह कहकर इनकार कर दिया था कि यह उनके पीए का पर्सनल मैटर है।

राघव चड्ढा ने छात्रों के आंदोलन पर बात करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, सवाल पूछना और कोर्ट जाना छात्रों का संवैधानिक अधिकार है। हालांकि, उन्होंने सचेत किया कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक दल की रैली नहीं बनना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि छात्रों की लड़ाई परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित करने की है, जबकि नेताओं की नजर सिर्फ सोशल मीडिया रीच पर होती है।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top