
TCS धर्मांतरण प्रकरण की मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने शुक्रवार को निदा खान को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। सरकारी वकील की तरफ से 5 दिन के पुलिस कस्टडी मांगा गया था, मगर अदालत ने तीन दिन की मंजूरी दी। इधर निदा खान ने अपने ऊपर लगे सारे आरोपों को गलत बताते हुए खुद को बेकसुर बताया है। निदा खान के वकील ने भी अपने मुवक्किल का बचाव करते हुए कहा कि बुर्का पहने और टोपी पहनने से धर्मांतरण नहीं हो जाता।
निदा खान की ओर से पेश वकील बाबा सैयद ने Republic Bharat के साथ खास बातचीत में जोर देकर कहा कि पुलिस के आरोप पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा, ‘हिंदू देवी-देवताओं के बारे में जो चर्चा हुई, वह सिर्फ आपसी बातचीत थी। किसी के बारे में कुछ गलत नहीं बोला गया। मेरी मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं, क्योंकि उनके ऊपर लगे आरोप गलत हैं।
बुर्का पहने और शीर खुरमा खिलाने से धर्मांतरण नहीं होता
वकील बाबा सैयद ने आगे कहा, ‘बुर्का पहन लेने या टोपी लगाने भर से कोई धर्मांतरण नहीं हो जाता। शीर खुरमा खिलाने से भी किसी का धर्म नहीं बदलता। पुलिस ने सिर्फ आरोप लगाए हैं, कोई ठोस सबूत नहीं दिया।’ वकील ने यह भी बताया कि निदा खान फरार नहीं थीं। उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने खुद को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाया था। निदा खान गर्भवती हैं, इसलिए कोर्ट ने उन्हें मेडिकल सुविधा और दवाइयों के लिए छूट दी है।
निदा खान बेकसूर है-वकील बाबा सैयद
निदा खान ने वकील ने कहा कि मेरी उनसे बातचीत हुई है। उन्होंने कहा है, ‘मैं बिल्कुल बेकसूर हूं। मुझे फंसाया जा रहा है।’ मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी सुनवाई इन-कैमरा (बंद कमरे में) हुई। कोर्ट रूम में सिर्फ सरकारी वकील, जांच अधिकारियों, निदा खान और उनके वकीलों को ही रहने की इजाजत दी गई। बाकी सभी लोगों को बाहर कर दिया गया।
सरकारी वकील ने कोर्ट में रखी ये दलील
वहीं, दूसरी ओर कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और कई गंभीर तथ्य सामने आना बाकी हैं। उन्होंने निदा खान की रिमांड की मांग करते हुए कहा कि आरोपी से कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन पूछताछ जरूरी है।
सरकारी वकील ने जोर दिया कि विदेश में किसी से बात करना अपने आप में अपराध नहीं है, लेकिन पूरे मामले के संदर्भ में इन संपर्कों की जांच जरूरी है। साथ ही डिजिटल सबूत, आर्थिक लेन-देन और अन्य संदिग्धों से निदा के रिश्तों की भी गहराई से पड़ताल की जानी है।