![]()
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पटना की ओर से आयोजित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक पर अधिकार प्राप्त समिति (ईसी-आरआरबी) की 77वीं बैठक में ग्रामीण बैंकिंग ढांचे को मजबूत करने की नई रणनीति तैयार की गई है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार अरविंद ने बिहार ग्रामीण बैंक (बीजीबी) को ‘एक राज्य, एक आरआरबी’ ढांचे के सफल एकीकरण और पहले वर्ष के कुशल प्रदर्शन के लिए सराहा। अब बैंक का मुख्य फोकस राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों (टियर-5 और टियर-6) तक पहुंचना है। इसके लिए राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन रणनीति 2.0 के तहत नवाचार पर जोर दिया जाएगा। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए केवल शाखाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि बीसी आउटलेट्स और बैंक सखी जैसे तंत्र को गांवों के अंतिम घर तक पहुंचाना होगा। बैंक को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राहक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को सुदृढ़ करें और धोखाधड़ी की निगरानी के लिए आधार सीडिंग की प्रक्रिया में तेजी लाएं। डिजिटल सुरक्षा और वित्तीय समावेशन पर दिया जोर आरबीआई ने बैंक को प्राथमिकता क्षेत्र उधारी और सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाने की सलाह दी है। क्षेत्रीय निदेशक ने जोर दिया कि बैंक सखी और डिजिटल पहलों के माध्यम से उन क्षेत्रों को बैंकिंग नेटवर्क से जोड़ा जाए जो अब भी अछूते हैं। आंतरिक नियंत्रण को मजबूत करने और परिचालन प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि धोखाधड़ी पर लगाम लगे। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह, बीजीबी के अध्यक्ष मुकुल सहाय, पीएनबी के उप महाप्रबंधक बलिकरन यादव और जीविका के प्रोजेक्ट समन्वयक पुष्पेंद्र तिवारी शामिल थे। इसके अलावा आरबीआई के महाप्रबंधक प्रभात कुमार और रंजीता चौधरी सहित प्रायोजक बैंक पीएनबी के प्रतिनिधियों ने भी वित्तीय रोडमैप पर चर्चा की। एनपीए प्रबंधन की चुनौती बैठक में 31 मार्च 2026 तक के वित्तीय संकेतकों की समीक्षा की गई। बैंक ने रिटेल लेंडिंग और एमएसएमई वित्तपोषण में हुई प्रगति का ब्योरा दिया। हालांकि, आरबीआई ने बैंक को नसीहत दी है कि परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के लिए एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) में कमी लाना अनिवार्य है। बैंक को वसूली प्रदर्शन और परिचालन दक्षता में सुधार की दिशा में केंद्रित प्रयास जारी रखने को कहा गया है।
Source link