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Kharmaas Ends | Shaadi Muhurat 2026 | Malmaas Break May 17


आज से खरमास खत्म हो रहा है। वैशाख कृष्ण द्वादशी में दोपहर 11:25 बजे सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के राशि परिवर्तन करते ही खरमास समाप्त हो जाएगा।

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खरमास की समाप्ति होते ही शादी-विवाह का सिलसिला शुरू हो जाएगा। अप्रैल से जुलाई तक शादियों की भरमार रहेगी। इसी बीच में मलमास लगने से 17 मई से 15 जून तक करीब एक महीने के लिए लग्न उत्सव पर विराम रहेगा।

शादी-ब्याह में ग्रहों की शुभता जरूरी

ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का होना बड़ा महत्वपूर्ण होता है। वैवाहिक बंधन को सबसे पवित्र रिश्ता माना गया है। इसलिए इसमें शुभ मुहूर्त का होना जरूरी है।

शास्त्रों में शादी के शुभ योग के लिए नौ ग्रहों में बृहस्पति, शुक्र एवं सूर्य का शुभ होना जरूरी है। रवि-गुरु का संयोग सिद्धिदायक और शुभफलदायी होते हैं। इन तिथियों पर शादी-विवाह को बेहद शुभ माना गया है।

ज्योतिषाचार्य राकेश झा।

ज्योतिषाचार्य राकेश झा।

मिथिला पंचांग में 21 तो बनारसी में 38 लग्न मुहूर्त

खरमास के बाद शादी-ब्याह का सिलसिला अब शुरू हो रहा है। पंचांगीय गणना के अनुसार मिथिला पंचांग में चातुर्मास तक कुल 21 लग्न मुहूर्त है। वहीं, बनारसी पंचांग में 38 मुहूर्त है। मिथिला पंचांग के मुताबिक अप्रैल में सात, मई में 5, जून में 6 एवं जुलाई में भी छह मुहूर्त है। काशी के महावीर पंचांग के अनुसार अप्रैल में 10, मई में 10, जून में 11 व जुलाई में सात वैवाहिक लग्न है। इसके बाद चार महीने के लिए चातुर्मास लग जाएगा।

ऐसे तय होते है शुभ लग्न-मुहूर्त

आचार्य राकेश झा ने कहा कि शादी-ब्याह के शुभ लग्न और मुहूर्त निर्णय के लिए वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु एवं मीन लग्न में से किन्हीं एक का होना जरूरी है। वहीं, नक्षत्रों में से अश्विनी, रेवती, रोहिणी, मृगशिरा, मूल, मघा, चित्रा, स्वाति, श्रवणा, हस्त, अनुराधा, उत्तरा फाल्गुन, उत्तरा भाद्र व उत्तरा आषाढ़ में किन्हीं एक का रहना जरूरी है।

अति उत्तम मुहूर्त के लिए रोहिणी, मृगशिरा या हस्त नक्षत्र में से किन्हीं एक की उपस्थिति रहने पर शुभ मुहूर्त बनता है। विवाह माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़ एवं अगहन मास में हो तो अत्यंत शुभ होता है।

शादी-विवाह के शुभ लग्न मुहूर्त

मिथिला पंचांग के अनुसार

अप्रैल: 17, 20, 26, 30

मई: 1, 6, 8, 10, 13

जून: 19, 24, 25, 26, 28, 29

जुलाई: 1, 2, 3, 6, 9, 12

बनारसी पंचांग के मुताबिक

अप्रैल: 15, 16, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29, 30

मई: 1, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 12, 13, 14

जून: 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 27, 28, 29

जुलाई: 1, 2, 6, 7, 8, 12



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