
Ujjain borewell child Death: उज्जैन में बोरवेल में गिरे 3 साल के मासूम भगीरख को बाहर निकाला गया है, लेकिन दुखद खबर है कि बच्चे की मौत हो चुकी है। मौके पर SDRF और NDRF के साथ प्रशासन की टीम मौजूद है। NDRF की टीम ने एकुमेंट से हाथ बांधकर बच्चे को ऊपर निकाला। 22 घंटे बीत जाने के बाद बच्चे को बाहर निकाला जा सका।
हाथों में रोप रिंग नहीं पहनाई जा पा रही थी
SDRF और NDRF के साथ प्रशासन की पूरी टीम गुरुवार (9 अप्रैल) देर रात से बच्चे को बचाने की कोशिश कर रही थी। इस दौरान 2 बार प्रयास नाकाम रहे। लाख कोशिशों के वावजूद रेस्क्यू टीम को बच्चे के हाथों में रोप रिंग पहनाकर बाहर निकालने में सफलता नहीं मिल पा रही थी। इसके बाद लोहे की छड़, रस्सी के साथ बोरवेल की मोटर निकलने वाली मशीन से प्रयास किए गए।
आज दोपहर से NDRF और SDRF की टीम तेज प्रयास कर रही थी। पूरे वक्त प्रशासन की टीम मौजूद रही। दोपहर के बाद रेस्क्यू टीम ने बोरिंग मशीन लगाकर बच्चे को 40 फिट पर स्टेबल कर दिया था। इसके साथ ही साइट बाय साइड समांतर एक टनल भी बनाई जा रही थी, जिसमें 5 पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, SDM तहसील दार के साथ सीएचएमओ भी मौके पर मौजूद रहे। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि ‘बच्चे के शव को बड़नगर के शासकीय अस्पताल भेजा गया है। पुलिस टीम भी वहां पहुंच रही है। मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि हादसे के जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके। साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग करने वाले सभी लोगों और टीमों का आभार भी व्यक्त किया गया।’