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सस्पेंड डेकोरेटर पर केस ट्रेन के कोच में सुहागरात डेकोरेशन पर रेलवे का कड़ा एक्शन जानें कितनी हो सकती है सजा…



Train Suhagraat Decoration Viral Video: भारतीय रेलवे की ट्रेन के 1AC कोच के केबिन में ‘सुहागरात’ डेकोरेशन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मुंबई CSMT से बलहारशाह के बीच चलने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस ट्रेन (नंबर 11002) में एक नए-नवेले जोड़े ने प्राइवेसी के लिए दो सीटों वाला पूरा केबिन (कूप) बुक किया था। इस जोड़े ने सफर के दौरान एक प्राइवेट डेकोरेटर को बुलाकर पूरे केबिन को हनीमून सुइट में तब्दील करवा दिया। इसका वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। वहीं, मामला जैसे ही रेल मंत्रालय और उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तुरंत ही इस पर कड़ा एक्शन शुरू हुआ।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो बेहद हैरान करने वाला है। वीडियो देख पल भर के लिए लगता ही नहीं कि यह ट्रेन का डिब्बा है, क्योंकि अंदर का पूरा माहौल किसी फाइव-स्टार होटल जैसा दिखता है। केबिन की छत और दीवारों को रंग-बिरंगे गुब्बारों, ताजे फूलों और खूबसूरत गुलदस्तों से इस तरह पैक किया गया है कि ट्रेन की सीट और दीवारें पहचान में ही नहीं आ रहीं।

पूरी सजावट का सबसे खास हिस्सा ट्रेन की बर्थ है, जहां पूरी सीट पर लाल गुलाब की पंखुड़ियों को बेहद सलीके से बिखेरकर एक बड़ा सा दिल (Heart Shape) बनाया गया है। चारों तरफ चमकती लाइट्स और फूलों का यह अंदाज चलती ट्रेन के भीतर एक आलीशान रोमांटिक रूम का एहसास कराता है। हालांकि, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि केबिन के बीचों-बीच कुछ मोमबत्तियां भी जल रही थीं, जिससे चलती ट्रेन में आग लगने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।

रेलवे ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि 6 जुलाई 2026 को नंदीग्राम एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे इस कपल ने अपने फर्स्ट एसी केबिन को सजाने के लिए निजी तौर पर ऑनलाइन डेकोरेटर को नियुक्त किया था। जालना स्टेशन पर डेकोरेटर का कोच में प्रवेश पूरी तरह अनधिकृत (Unauthorised) था और इसे सुरक्षा में एक गंभीर लापरवाही माना गया है। इस चूक के लिए ऑन-ड्यूटी संबंधित रेल कर्मचारी (टीटीई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, बाहरी डेकोरेटर के खिलाफ रेलवे अधिनियम की मौजूदा धाराओं के तहत अनधिकृत प्रवेश, बिना टिकट यात्रा और अतिक्रमण का मामला दर्ज किया गया है।

दरअसल, रेलवे के नियमों के मुताबिक फर्स्ट एसी केबिन जैसी सुरक्षित जगहों पर बिना किसी ऑफिशियल परमिशन के बाहरी सजावट करने वालों को एंट्री देना पूरी तरह मना है। ट्रेन के अंदर डेकोरेशन के नाम पर मोमबत्ती या दीपक जैसी आग लगाने वाली चीजों का इस्तेमाल करना यात्रियों की जान जोखिम में डालने जैसा है, जो ‘रेलवे अधिनियम 1989’ के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा करने पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है।

रेलवे नियमों के मुताबिक, चलती ट्रेन में ऐसी मनमानी करने पर सख्त सजा मिलती है। बिना अनुमति कोच में घुसकर डेकोरेशन जैसी कमर्शियल एक्टिविटी करने (धारा 144 और 147) पर 6 महीने तक की जेल या 1,000 रुपये का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है। वहीं, केबिन के अंदर मोमबत्ती या दीया जलाकर आग का खतरा पैदा करने (धारा 164) को बेहद गंभीर माना जाता है, जिसमें 3 साल तक की कैद या 5,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है और नुकसान की भरपाई भी दोषी से ही की जाती है। इसके अलावा, सह-यात्रियों को असुविधा पहुंचाने या सुरक्षा से खिलवाड़ करने (धारा 145) पर पहली बार में जुर्माना और दोबारा गलती करने पर 6 महीने तक की जेल की सजा हो सकती है।



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