
विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत का सिलसिला थमने का नाम ले रहा है। पार्टी की अंदरूनी कलह भी खुलकर सामने आ रही है। चुनाव नतीजों के बाद TMC के कई नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया और कई और विधायकों और सांसदों के भी बीजेपी में जानें की अटकलें है। इस बीच अब TMC के दो और पार्षदों ने इस्तीफा देकर ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी है।
TMC के दो पार्षदों सुशांत घोष और अरूप चक्रवर्ती ने अहम पदों से इस्तीफा दे दिया है। सुशांत घोष ने बोरो नंबर 12 के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, जबकि अरूप चक्रवर्ती ने नगर लेखा समिति के पद से इस्तीफा सौंपा है। दोनों ने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं और पार्षदों से दूर हो गए हैं।
देवोलीना के बाद अरूप और सुशांत का इस्तीफा
इससे पहले देवोलीना बिश्वास ने बोरो नंबर 9 के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। सूत्रों का कहना है कि देवोलीना, अरूप और सुशांत तक सीमित नहीं है, बल्कि अगले कुछ दिनों में और भी कई पार्षद व पदाधिकारी इस्तीफा दे सकते हैं। बता दें कि ममता बनर्जी ने मंगलवार को ही पार्षदों के साथ बैठक की थी और तृणमूल प्रमुख ने तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया, लेकिन अगले ही दिन ठीक इसका उल्टा हो गया।
पार्षदों ने पार्टी नेतृत्व पर जताई नाराजगी
इस्तीफे के बाद पार्षदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर नाराजगी भी जताई। अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि हार को स्वीकार करने की हिम्मत रखनी चाहिए। अगर हम हार मानने को तैयार नहीं हैं तो पिछली जीतों का भी कोई मतलब नहीं रहेगा। इधर टीएमसी नेताओं का पाला बदलने का सिलसिला जारी है। बारासात से सांसद और TMC नेता काकोली घोष दस्तीदार के साथ TMC के छह विधायक CM सुवेंदु अधिकारी की बैठक में पहुंचे थे, जिससे सियासी हलचल तेज है।
इस बीच टीएमसी नेताओं के पाला बदलने को लेकर BJP सांसद सौमित्र खान ने बड़ा दावा कर दिया है। उन्होंने कहा कि TMC के 50 विधायक और 20 सांसद BJP के संपर्क में हैं। हर कोई BJP में आने को तैयार है। हालांकि उनके इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रतिक्रिया भी सामने आई। TMC सांसद सौगात रॉय ने पार्टी के नेताओं के पाला बदलने की खबरों को ‘बेबुनियाद’ बताया।