Newswahni

तीखे नैन नक् श फर्राटेदार अंग्रेजी और जिस् मफरोशी के धंधे की सबसे बड़ी दलाल कौन है सोनू पंजाबन जिसे दिल् ली ने…


Sonu Punjaban callgirl pimp full profile whome Delhi High Court acquits prostitution, human trafficking case

Sonu Punjaban: तीखे नैन नक्‍श, फर्राटेदार अंग्रेजी और जिम्‍सफरोशी के धंधे की सबसे बड़ी दलाल… कौन है सोनू पंजाबन? जिसे दिल्‍ली HC ने दी राहत | Image:
X

Sonu Punjaban Profile in Hindi: दिल्ली हाईकोर्ट ने वेश्यावृत्ति और मानव तस्करी से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराई गई गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन और संदीप बेडवाल की अपीलों को मंजूर कर लिया है। दोनों ने वर्ष 2020 में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को चुनौती दी थी। जुलाई 2020 में ट्रायल कोर्ट ने गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन को 24 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी और उस पर 64,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

वहीं, सह-दोषी संदीप बेडवाल को 20 साल की सजा और 65,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। यह मामला वेश्यावृत्ति और मानव तस्करी से जुड़ा था, जिसमें दोनों को दोषी करार दिया गया था। सजा के खिलाफ दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। आपको बता दें कि सोनू पंजाबन उस वक्त सुर्खियों में आई थी जब एक बड़े व्यापारी की लाश उसकी गाड़ी में बरामद हुई थी। लेकिन उस वक्त पुलिस की जांच में सोनू पंजाबन बचकर निकल गई थी। जनिए सोनू पंजाबन के बारे में हर एक चीज।

पहले जानिए कौन है सोनू पंजाबन

देश भर में जिस्मफरोशी का रैकेट चलाने वाली सोनू पंजाबन उर्फ गीता अरोड़ा मूल रूप से हरियाणा के रोहतक जिले की रहने वाली है। अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले वो एक साधारण कॉलेज जाने वाली लड़की थी। लेकिन साल 2009 में गीता का नाम एक हत्या के मामले से जो जुड़ा तो आज तक अपराध से दूर नहीं जा पायी।

बाप चलाते थे ऑटो

गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन का जन्म 1981 में दिल्ली की गीता कॉलोनी में हुआ। उसके पिता ओम प्रकाश अरोड़ा पाकिस्तान के रेफ्यूजी थे, जो बंटवारे के बाद हरियाणा के रोहतक में आकर बसे थे। ओम प्रकाश अरोड़ा रोजगार की तलाश में रोहतक से दिल्ली आए थे। वे ऑटोरिक्शा चलाकर अपना गुजारा करते थे।

बताया जाता है कि, सोनू पंजाबन ने हत्या में अपना नाम जुड़ने के बाद रोहतक के नामी गैंगस्टर विजय सिंह से प्रेम विवाह किया था। उस वक्त विजय सिंह का नाम जोरो पर था। विजय सिंह उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला गैंग का सदस्य था। जिसे सन 1998 में उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टीम एसटीएफ ने मार गिराया था। कुछ दिनों के बाद ही विजय सिंह को भी एसटीएफ ने गढ़ मुक्तेश्वर में एक एंकाउंटर में ढेर कर दिया।

फिर दीपक के संपर्क में आई सोनू और वो भी मर गया

विजय की मौत के बाद सोनू पंजाबन अकेली पड़ गयी थी। अपराध की दुनिया में जिंदा रहने के लिए उसे एक नये साथी की जरूरत थी। उधर विजय के एनकाउंटर के बाद नजफगढ़ के दीपक नाम के एक वाहन ​चोर का सोनू पंजाबन के संपर्क में आया। थोड़े ही दिनों में अच्छी दोस्ती भी हो गयी। लेकिन ये साथ ज्यादा दिन नहीं चल सकता सन 2003 में असम पुलिस ने दीपक को भी एनकाउंटर में ढेर कर दिया।

फिर दीपक के भाई से शादी कर गीता बनी सोनू पंजाबन

विजय के बाद दीपक का भी वही हश्र हुआ और एक बार फिर से गीता अकेली पड़ गयी। लेकिन इस बार उसने देर न करते हुए दीपक के भाई हेमंत सोनू से शादी कर लिया। हेमंत से शादी होने के बाद ही गीता को नया नाम सोनू पंजाबन मिला। लेकिन जैसे सोनू पंजाबन की किस्मत में हमसफर का साथ लिखा ही न हो, इसी तर्ज पर सन 2006 में गुड़गांव पुलिस ने हेमंत को भी एक मुठभेढ़ में ढ़ेर कर दिया।

उसके बाद उतरी जिस्‍मफरोशी के धंधे में

इसके बाद तो जैसे सोनू पंजाबन की दुनिया ही खात्मे के कगार पर पहुंच चुकी थी। लेकिन इसी बीच अशोक बंटी नाम का एक अपराधी सोनू पंजाबन के संपर्क में आया और उसने सोनू को जिस्मफरोशी के धंधे में उतारा। दीपक और हेमंत के पुराने संपर्को का सोनू पंजाबन ने खूब इस्तेमाल किया और ब्यूटी पॅार्लर के धंधे की आड़ में देह व्यापार को शुरु किया। लेकिन इसी बीच एक ​बार फिर से सोनू की किस्मत ने अपना असर दिखाया और दिलशाद गार्डन पुलिस ने अशोक बंटी को एक एनकाउंटर में ढ़ेर कर दिया।

जिस्म के कारोबार में सोनू पंजाबन ने यूं फैलाया साम्राज्‍य

एक वक्त सोनू खुद कॉलगर्ल थी। लेकिन वक्त बीतने के साथ साथ सोनू का साम्राज्य बढ़ता चला गया। दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में भी सोनू का जाल फैला हुआ था। वो दलालों की मालकिन बन गई। अलग-अलग इलाकों में फैले हुए दलाल उसके संरक्षण में काम करते थे। सोनू इन दलालों का इलाका भी तय करती थी और मोटे पैसे भी वसूलती थी।

करोड़ों की मालकिन सोनू पंजाबन

धीरे -धीरे सेक्स रैकेट के कारोबार से सोनू पंजाबन करोड़ों की संपत्ति की मालकिन बन गई। किसी वक्त ठोकरें खाने को मजबूर पंजाबन ने देखते ही देखते कई फ्लैट खरीद लिए। बाद में सोनू पंजाबन ने दिल्ली के सभी दलालों से हाथ मिलाना शुरु कर दिया। जिसने सोनू का साथ देने से मना किया वो दोबारा कभी सुबह का सूरज नहीं देख पाया। देखते ही देखते सोनू का सेक्स रेकेट कॉर्पोरेट में बदल गया। उसने लड़कियों को फिक्स सैलेरी पर रखा। वो ग्राहक के पैसे में से लड़कियों को पैसे नहीं देती थी।

फिर दीपक के संपर्क में आई सोनू और वो भी मर गया

कोई विषकन्‍या कहता तो कोई शहजादी

फर्राटेदार अंग्रेजी और तन पर सजे महंगे कपड़े पहने सोनू पंजाबन को जो देखता है, देखता ही रह जाता। छरहरा बदन, तीखे नैन नक्श, गोरा रंग, कद 5 फुट 4 इंच और बेबाक तेवरों से वह कॉलेज जाने वाली किसी लड़की जैसी ही दिखती थी। लेकिन इस हसीन चेहरे के पीछे की सचाई कुछ और ही थी। कोई उसे विषकन्या कहता है तो कोई शहजादी।

पहले जानिए कौन है सोनू पंजाबन

कभी नहीं छिपाया चेहरा

माना जाता है कि सोनू पंजाबन का जीवन हमेशा से चकाचौंध भरा रहा। वो कोर्ट में पेशी के लिए भी जाती थी तो बाकी लड़कियां चेहरा छुपाती थीं जबकि वह ऐसा नहीं करती थी। टीवी पर, अखबार में वो खुद को देख कर खुश होती थी। कहा जाता है कि फिल्म फुकरे में भोली पंजाबन का किरदार उसी से मिलता-जुलता है।

इसे भी पढ़ें- एक्टिंग के नाम पर फुसलाया, काला जादू किया और 18 साल की होते ही…मुस्लिम बॉयफ्रेंड संग ‘महाकुंभ ब्यूटी’ मोनालिसा की शादी पर छलका चाचा का दर्द



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top