
Akhilesh Yadav on Noida Protest: नोएडा में हुए श्रमिक प्रदर्शन के बाद हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। सरकार ने नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों की मांग मानते हुए न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी कर दी है। बावजूद इसके प्रदर्शन अब भी पूरी तरह थमे नहीं है। नोएडा में हुए बवाल को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
संवाद का रास्ता हमेशा खुला होना चाहिए- अखिलेश
अखिलेश ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारे मुख्यमंत्री को नियम-कानून पता ही नहीं है। उन्हें ये सब पता होते तो कोर्ट ने क्या बताया, लेबर लॉ क्या कहता है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेबर को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं… अगर उनका पालन किया होता, तो शायद ये नौबत नहीं आती। महंगाई अगर बढ़ेगी और आम जनजीवन प्रभावित होगा तो आवाज तो उठेंगी है। आवाज के लिए बातचीत का रास्ता है। संवाद का रास्ता तो हमेशा खुला होना चाहिए।
‘अपना फेलियर दूसरों पर थोपना चाहती है सरकार’
सपा प्रमुख ने कहा कि इसमें कोई नक्सली एंगल या कोई साजिश या षड्यंत्र नहीं है, ये सरकार का फेलियर है, ये अपना फेलियर दूसरों पर थोपना चाहते हैं।
बता दें कि नोएडा में बीते कुछ दिनों से चल रहा श्रमिकों का प्रदर्शन सोमवार (13 अप्रैल) को अचानक उग्र हो गया। इस दौरान जगह-जगह से हिंसा, आगजनी, पत्थरबाजी और बवाल की खबरें लगातार सामने आती रहीं। कहीं गाड़ियों में आग लगाई गई तो कहीं पुलिस पर पथराव भी किया गया। इसके अलावा कंपनियों में भी तोड़फोड़ की गई है।
कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन अब तक शांत नहीं हुआ है। मंगलवार (14 अप्रैल) को दूसरे दिन भी पुलिस की गाड़ियों पर पथराव हुआ है। जानकारी के मुताबिक सेक्टर 121 में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया है, जिसमें वाहनों को नुकसान पहुंचा। वहीं सेक्टर 70 में हालात लगभग बेकाबू हो गए और हिंसक झड़पों के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। लगातार बढ़ते तनाव के बीच पुलिस बल को हालात संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। नोएडा फेज- 2 में भी सैलरी बढ़ाने को लेकर प्रोटेस्ट जारी है। कर्मचारी 20 हजार की सैलरी की मांग पर अड़े हुए हैं।