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किशनगंज के पूर्व सदर थानेदार अभिषेक रंजन निकले करोड़पति जहां जहां पोस्टिंग वहां वहां प्रॉपर्टी लॉटरी और जमीन कारोबारी से संबंध…




किशनगंज में आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ रहा है। सदर एसडीपीओ गौतम कुमार के बाद अब सदर के तत्कालीन थानेदार अभिषेक कुमार रंजन की करोड़ों की अघोषित संपत्ति का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने उनकी पत्नी और साले के नाम पर पटना, मुजफ्फरपुर और सिलीगुड़ी में जमीन व मकान से जुड़े दस्तावेज जुटाए हैं। 2009 बैच के दारोगा अभिषेक कुमार रंजन बहादुरगंज थाना में पदस्थापन के बाद सदर थानाध्यक्ष बने थे। इससे पहले वे मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में तैनात रहे। अपनी 17 वर्षों की नौकरी में उन्होंने विभिन्न स्थानों पर जमीन और मकान खरीदकर बड़ी संपत्ति बनाई। जानकारी के अनुसार, उनकी प्रवृत्ति जिस जिले में पोस्टिंग होती थी, वहीं संपत्ति खरीदने की रही है। पत्नी और साले के नाम खरीदी जमीन किशनगंज से लगभग 100 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी को उन्होंने निवेश के लिए उपयुक्त स्थान चुना। यहां उनकी पत्नी के नाम पर लगभग सात कट्ठा जमीन और साले के नाम पर जमीन व मकान खरीदे जाने की जानकारी मिली है। इसके अतिरिक्त, पटना के रामकृष्ण नगर में उनका पहले से एक दो मंजिला मकान भी है। बताया जा रहा है कि उनके ‘एंट्री’, लॉटरी और जमीन कारोबार से जुड़े लोगों से करीबी संबंध थे, जिसके कारण उन्होंने कम समय में संपत्ति अर्जित की। आरोप है कि बड़ी रकम की डील होने पर कैश सीधे लेने के बजाय एक चाय दुकान पर रखवाई जाती थी, जिसे बाद में दूसरी जगह भेजा जाता था। छोटी रकम चालक और मुंशी के माध्यम से लेने की बात भी सामने आई है। रेड से जुड़ी कुछ तस्वीरें…
आर्म्स एक्ट मामले में लापरवाही का आरोप हाल ही में पुलिस मुख्यालय ने उनका तबादला नवगछिया किया था। वहीं 11 अप्रैल को गोपालपुर थाना में 2021 के एक आर्म्स एक्ट मामले के अनुसंधान में लापरवाही के आरोप में उन्हें सदर थानाध्यक्ष पद से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया। तलाशी के दौरान पटना के रामकृष्ण नगर स्थित करीब 2200 वर्ग फीट भूखंड पर बने चार मंजिला मकान की जांच की गई। वर्ष 2023-24 में बने इस भवन की अनुमानित लागत दो करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है। वहीं छपरा के प्रभुनाथ नगर में वर्ष 2019 में बने 1400 वर्ग फीट मकान की लागत करीब 30 लाख रुपए आंकी गई है। सारण जिले के पैगा सदर गांव में निर्माणाधीन 2 मंजिला मकान में लगभग 50 लाख रुपये खर्च की गई है दार्जिलिंग रोड पर छह कट्ठा जमीन

जांच में बागडोगरा-सिलीगुड़ी के दार्जिलिंग रोड पर छह कट्ठा जमीन खरीदने के भी साक्ष्य मिले हैं। यह जमीन करीब 17 लाख रुपए प्रति कट्ठा की दर से खरीदी गई और इसके लिए 84 लाख रुपए कैश भुगतान की बात सामने आई है। मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के चंदवारा में वर्ष 2015 में तीन कट्ठा जमीन खरीदी गई, जिसका निबंधन मूल्य मात्र चार लाख रुपए दिखाया गया है।

तलाशी में अभिषेक रंजन और उनकी पत्नी के बैंक खातों में लगभग 8.5 लाख रुपए जमा मिले। इसके अलावा एलआईसी में सालाना करीब एक लाख रुपए निवेश, म्यूचुअल फंड व शेयर में लगभग 20 लाख रुपए निवेश के साक्ष्य भी मिले हैं। हाल में उनके बड़े बेटे का नामांकन डीपीएस सिलीगुड़ी में कराया गया, जिसके लिए 2.5 लाख रुपए प्रवेश शुल्क दिए जाने की जानकारी मिली है।

जांच में महंगे मोबाइल फोन, विलासितापूर्ण जीवनशैली और परिवार के साथ मुंबई की हवाई यात्रा की जानकारी भी सामने आई है। पांच दिन की यात्रा के दौरान मुंबई के ताज होटल में लग्जरियस रूम में ठहरे थे जिसकी कीमत 1 दिन का लाखों में अंकित की जा रही है। तस्करी से जुड़े तत्वों से सांठगांठ की जांच जारी

आर्थिक अपराध इकाई को जमीन सिंडिकेट में निवेश, सिलीगुड़ी के सेवक रोड पर फ्लैट, 6-7 ट्रक खरीदने तथा मुजफ्फरपुर के कांटी क्षेत्र में संपत्ति निवेश की भी सूचना मिली है। जिनमें कई संपत्तियां बेनामी होने की आशंका जताई जा रही है।

ईओयू के अनुसार किशनगंज में पदस्थापन के दौरान बालू, एंट्री, शराब और तस्करी से जुड़े तत्वों से सांठगांठ की भी जांच की जा रही है। फिलहाल सभी ठिकानों पर तलाशी जारी है और आगे भी विस्तृत जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।



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