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महिला पुलिसकर्मी और दिन ऐसे हुआ नासिक में कॉर्पोरेट जिहाद का भंडाफोड़ धर्मांतरण का चल रहा था धंधा और की एंट्री…



Nashik IT Company: नासिक में एक प्रमुख आईटी कंपनी में यौन शोषण और एक जबरन धर्मांतरण के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में नासिक पुलिस ने टीम लीडर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ितों में आठ महिलाएं और एक पुरुष है। ये गंदा खेल पिछले चार साल से चल रहा था। आरोपियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ अंसारी से रूप में हुई है।

नासिक पुलिस को आरोपियों के बारे में फरवरी में ही जानकारी मिल गई थी कि कंपनी में महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है। इसकी जांच पड़ताल के लिए ऑपरेशन रेड शुरू किया गया जिसमें नासिक पुलिस ने अपनी टीम से सात तेज तर्रार महिला पुलिसकर्मी को चुना और उनकी धीरे-धीरे IT कंपनी में जॉब लगवाई।

नासिक की आईटी कंपनी में धर्मांतरण का गंदा खेल

पीड़ितों का आरोप है कि एक हिंदू कर्मचारी को ऑफिस में जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था और उसे जबरन मांसाहारी भोजन खिलाकर उसका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश भी की गई। राज्य सरकार के मंत्री नितेश राणे ने इसे “कॉर्पोरेट जिहाद” करार दिया है और कहा कि समाज को इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

करीब 42 दिनों तक उन सात महिला पुलिसकर्मियों ने ऑफिस में सभी लोगों पर पैनी नजर बनाए हुए थी। उसी समय महिला पुलिसवालों ने आरोपियों की पहचान कर ली थी कि कैसे वो लोग काम के दौरान महिलाओं से छेड़छाड़ करते थे। कैसे हिंदू लड़की-लड़कों पर धार्मिक टिप्पणी करते थे और कैसे आरोपी मिलकर दफ्तर की छत पर ही नमाज पढ़ते थे। HR हेड ने भी पीड़ितों की एक बात न सुनी। सबूत जुटाने के बाद पुलिस ने सारी जानकारी नासिक पुलिस के आला अधिकारियों को दी, और तब आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हुआ। 

पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि इस आईटी कंपनी में 300 कर्मचारी काम करते हैं। 9 FIR दर्ज की गई है। छह अविवाहित और दो विवाहित महिला कर्मचारियों ने पुलिस के पास यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज कराया है। वहीं, एक पुरुष कर्मचारी को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई है।

नासिक की आईटी कंपनी केस में केंद्रीय एजेंसियों की एंट्री

इस बीच, मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस ने अब केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ATS, NIA और IB की नजर इस मामले पर है। सूत्रों के अनुसार, ATS, NIA और IB ने इस मामले की विस्तृत जानकारी मांगी है, वहीं SIT द्वारा अब तक जुटाए गए सबूतों की एक विस्तृत रिपोर्ट संबंधित एजेंसियों के साथ साझा कर दी गई है।

जांच अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, इसकी जांच बड़े लेवल पर की जाएगी। एजेंसियां ये पता लगाने की कोशिश करेंगी कि क्या इस नेटवर्क के पीछे कोई बाहरी आर्थिक सहायता है? क्या गतिविधियों का संबंध देश विरोधी तत्वों से है? क्या किसी प्रतिबंधित संगठन से अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष संपर्क हैं? क्या यह एक संगठित मॉड्यूल के रूप में काम कर रहा था?

जांच एजेंसियां जल्द ही नासिक पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ करने वाली हैं। वो आरोपियों की डिजिटल एक्टिविटी, बैंकिंग और फाइनेंशियल लेनदेन, इंटरनेशनशल कॉन्टैक्ट और सोशल सर्कल को भी बारीकी से खंगालेंगी।

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