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नालंदा में 3 अगस्त को बीज कारोबारी राजीव रंजन के घर में 1.25 करोड़ की डकैती हुई थी। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी अजीत सिंह, संजीव, बिट्टी और आदित्य को गिरफ्तार किया है। इनके पास से डकैती के 16.43 लाख रुपए नगद बरामद हुए। अजीत ने ही डकैती की पूरी प्लानिंग की थी। पीड़ित का घर घनी आबादी और गली में है। इसलिए डकैती के लिए ये लोग 10 दिन से घर की रेकी कर रहे थे। संजीव, बिट्टू और आदित्य पीड़ित के ही थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं, इसलिए ये लोग मोहल्ले को अच्छे से जानते थे। घर की रेकी इन्होंने ही की थी। पुलिस जांच में ये भी सामने आया है कि किसी परिचित ने भी मुखबिरी की थी, अभी उसका नाम अभी सामने नहीं आया है। घटना दीपनगर थाना क्षेत्र की है। कार्रवाई के लिए टीम बनी थी एसपी भारत सोनी ने कहा कि 3 अगस्त की रात करीब एक बजे देवीसराय निवासी राजीव रंजन के घर हथियारबंद अपराधियों ने डकैती की थी। दीपनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और सदर-1 एसडीपीओ अमरनाथ के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया गया था। टीम में इंटेलिजेंस विंग के साथ-साथ दीपनगर थानाध्यक्ष को भी शामिल किया गया। एसआईटी ने 72 घंटे में इस मामले में कार्रवाई की है।
15 अपराधियों ने की थी डकैती एसपी ने बताया कि कुल 15 अपराधी शामिल थे। जिनमें से 2 लोग रेकी और निगरानी के लिए बाहर खड़े थे, जबकि बाकी लोग घर में घुसे थे। गिरोह के सभी सदस्य बिहारशरीफ और नालंदा जिले के ही रहने वाले हैं। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और शेष लूटी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
झारखंड के जामताड़ा से हुई गिरफ्तारी पुलिस टीम ने अपराधियों का पीछा किया और झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना अंतर्गत जुम्मन मोड़ के पास एक चाय की दुकान से चारों को पकड़ा। कड़ाई से पूछताछ करने पर चारों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार अपराधियों में मुख्य सरगना अजीत सिंह, संजीव सिंह, बिट्टू कुमार और आदित्य कुमार शामिल हैं। ये सभी नालंदा जिले के दीपनगर थाना अंतर्गत श्यामनगर के रहने वाले हैं।
इमादपुर डकैती कांड में था इसी गैंग का हाथ एसपी ने एक और खुलासा करते हुए बताया कि इसी साल बिहार थाना क्षेत्र के इमादपुर में डकैती हुई थी। जिसमें यही गैंग शामिल था। पुलिस इस कांड में गिरफ्तार अपराधियों को रिमांड पर लेगी और इमादपुर वाले मामले में भी उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर कार्रवाई करेगी। गिरफ्तार मुख्य सरगना अजीत सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, वह पहले भी सजायाफ्ता रह चुका है और फरवरी 2025 में ही जेल से छूटा था।
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