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सीतामढ़ी सदर अस्पताल में गुरुवार रात सदर एसडीएम आनंद कुमार ने औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण जिलाधिकारी रिची पांडेय के निर्देश पर हाल ही में हुए डॉक्टर-मरीज विवाद और अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लेने के लिए किया गया। इस दौरान इमरजेंसी, विभिन्न वार्डों, दवा भंडारण, साफ-सफाई और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की गहन जांच की गई। एसडीएम ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों को मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सर्पदंश के बढ़ते मामलों को देखते हुए एंटी स्नेक वेनम (ASV) सहित सभी जीवनरक्षक दवाओं, इंजेक्शनों और आवश्यक चिकित्सीय सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा। दवाओं की नियमित उपलब्धता और स्टॉक के समय-समय पर सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा सुनिश्चित करने का निर्देश निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, 24 घंटे इमरजेंसी सेवा सुनिश्चित करने, मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने और चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है। हंगामे के मद्देनज किया गया निरीक्षण यह औचक निरीक्षण बीती रात सदर अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद हुए हंगामे के मद्देनजर किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया था कि चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट की गई, जिसके बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर वहां से चले गए थे। दैनिक भास्कर ने इस घटना को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए। घटना की जांच के लिए एसडीएम ने तीन सदस्यीय संयुक्त जांच टीम का गठन किया है। इस टीम में कार्यपालक दंडाधिकारी, अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी और डुमरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने वाले संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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