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मोतिहारी में राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर रेड क्रॉस भवन में चिकित्सकों के सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया। ब्रह्माकुमारी संस्था के बनियापट्टी सेवा केंद्र ने यह कार्यक्रम राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत आयोजित किया। इसमें जिले के वरिष्ठ चिकित्सकों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) बिहार के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आशुतोष शरण और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर किया गया। ”चिकित्सकों का पेशा केवल जीविका का साधन नहीं” अपने संबोधन में डॉ. आशुतोष शरण ने कहा कि चिकित्सकों का पेशा केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने जोर दिया कि जब कोई मरीज अस्पताल आता है, तो वह डॉक्टर से सबसे बड़ी उम्मीद रखता है। इसलिए, प्रत्येक चिकित्सक का नैतिक दायित्व है कि वह संवेदनशीलता, समर्पण और ईमानदारी से मरीजों का उपचार करे। डॉ. शरण ने चिकित्सा क्षेत्र की नई चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ-साथ मानवीय व्यवहार और सेवा भावना भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी चिकित्सकों से अपने ज्ञान को अद्यतन रखने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का आह्वान किया। कई चिकित्सकों को सम्मानित किया गया इस अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा प्रदान करने वाले कई चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट किए गए। इस आयोजन से चिकित्सकों में उत्साह बढ़ा और समाज के प्रति उनकी सेवा भावना को मजबूती मिली।
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