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मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर अपराधी ने खुद को पटना हाईकोर्ट का जज बता कर ट्रांसपोर्टर से 20 लाख रुपए ठग लिए। इस पूरे मामले में अपराधी ने अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (एडीटीओ) के माध्यम से संपर्क साधकर भरोसा कायम किया और वारदात को अंजाम दिया। अपर जिला परिवहन पदाधिकारी कुमार विवेक ने मामले में सदर थाने में लिखित शिकायत देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। जज बनकर मांगा ट्रांसपोर्टर का नंबर जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 11:45 बजे अपर जिला परिवहन पदाधिकारी कुमार विवेक के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पटना हाईकोर्ट का जज राजीव रंजन बताया और मुजफ्फरपुर के किसी विश्वसनीय ट्रांसपोर्टर का नंबर मांगा। उच्च पदाधिकारी समझकर ADTO ने ट्रांसपोर्टर उदय शंकर प्रसाद सिंह का मोबाइल नंबर साझा कर दिया। इसके बाद ठग ने ट्रांसपोर्टर से संपर्क किया और जरूरी काम का हवाला देते हुए बातचीत शुरू की। शुरुआत में ट्रांसपोर्टर ने असमर्थता जताई, लेकिन आरोपी ने बार-बार कॉल कर दबाव बनाया और खुद को जज बताते हुए भरोसा दिलाया कि पैसों की जरूरत तत्काल है और राशि जल्द लौटा दी जाएगी। एक ही दिन में 20 लाख ट्रांसफर आवेदन के मुताबिक, 24 अप्रैल की शाम तक ट्रांसपोर्टर ने ठग के बताए अनुसार अलग-अलग माध्यमों से कुल 20 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। पैसे भेजने के बाद जब संपर्क करने की कोशिश की गई तो आरोपी का मोबाइल नंबर बंद मिला। 29 अप्रैल की सुबह करीब 9 बजे ट्रांसपोर्टर ने पूरे मामले की जानकारी परिवहन पदाधिकारी को दी। इसके बाद ठगी का खुलासा हुआ और तत्काल सदर थाने में लिखित शिकायत दी गई। पुलिस जांच में जुटी, खंगाले जा रहे कॉल डिटेल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल और साइबर ट्रेल खंगाले जा रहे हैं, साथ ही जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
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