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जिले के सरकारी स्कूलों में एक पेड़ मां के नाम 3.0, योजना दम तोड़ रही है। स्थिति यह है कि 76 प्रतिशत स्कूलों में इस अभियान की शुरुआत तक नहीं की जा सकी है। डीपीओ समग्र शिक्षा अभियान ने इस मामले में सभी बीईओ से स्पष्टीकरण की मांग की है। उपर्युक्त प्रसंगाधीन विषयक अंकित करना है कि आपके प्रखण्ड अंतर्गत संचालित सभी विद्यालयों के द्वारा Eco Club for Mission LiFE के अन्तर्गत एक पेड़ माँ के नाम 3.0 कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन कराने का लिए निदेशित किया गया था। किन्तु अद्यतन जिला अंतर्गत मात्र सात (07) प्रतिशत विद्यालयों के द्वारा ही एक पेड़ माँ के नाम 3.0 कार्यक्रम अंतर्गत वृक्षारोपण प्रारंभ किया गया है, जिससे परिलक्षित होता है कि आपके द्वारा भारत सरकार के महत्वाकांक्षी योजना के प्रति उदासीनता बरती जा रही है। डीपीओ ने सभी बीईओ को कहा कि जिला कार्यालय के द्वारा प्रखण्डाधीन एक पेड़ मां के नाम 3.0 कार्यक्रम में अपनी सहभगिता सुनिश्चित नहीं करने/वृक्षारोपण प्रारंभ नहीं करने वाले विद्यालयों की सूची आपको नियमित रुप से उपलब्ध करायी जा रही है तथा दूरभाष एवं वीसी के माध्यम से सभी प्रखण्ड मुख्यालयों को उक्त कार्यक्रम के क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी एवं आवश्यक तकनिकी सहयोग भी प्रदान किया जा रह है। वृक्षारोपण प्रारंभ नहीं करने वाले विद्यालयों की सूची पत्र के साथ संलग्न की जा रही है। सरकारी और निजी स्कूलों के छात्रों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए अभियान शुरू किया गया था। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने राज्य के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में 22 जून से 30 सितंबर 2026 तक “एक पेड़ मां के नाम 3.0” अभियान चलाने का निर्देश जारी किया है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी निर्देश के अनुसार यह अभियान भारत सरकार के “ईको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ” कार्यक्रम के तहत संचालित किया जा रहा है। अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं को पौधारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है।
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