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मधेपुरा शहर के पश्चिमी बायपास रोड स्थित निजी अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के मेन गेट के सामने शव रखकर सड़क जाम कर दिया। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजन अस्पताल को सील करने, संबंधित डॉक्टर की गिरफ्तारी तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे थे। गुरुवार रात करीब आठ बजे शुरू हुआ सड़क जाम देर रात 12 बजे तक जारी रहा। बाद में पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम हटवाया। मृतका की पहचान मुरलीगंज थाना क्षेत्र के तिनकोनमा निवासी रविंद्र कुमार की पत्नी पूजा कुमारी (25) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार 1 जुलाई को पूजा कुमारी को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि भर्ती के समय डॉक्टर ने मां और बच्चे दोनों को स्वस्थ बताते हुए सामान्य प्रसव होने का भरोसा दिया था। अगले दिन सुबह प्रसव पीड़ा बढ़ने पर अचानक ऑपरेशन की आवश्यकता बताई गई, जिसके बाद परिजनों ने सहमति दे दी। डिलीवरी के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद मां और नवजात दोनों सामान्य स्थिति में थे। कुछ देर बाद अस्पताल कर्मियों ने सभी परिजनों को बाहर कर दिया। इसी दौरान पूजा कुमारी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। अस्पताल में उन्हें ऑक्सीजन, दवाएं और अन्य उपचार दिए गए, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। बाद में गंभीर अवस्था में उन्हें सहरसा रेफर कर दिया गया, जहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, नवजात शिशु को भी दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज वेंटिलेटर पर चल रहा है। पति ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप मृतका के पति रविंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि समय पर उचित इलाज और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिसके कारण उनकी पत्नी की जान चली गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी चिकित्सकों एवं अस्पताल कर्मियों पर कानूनी कार्रवाई करने तथा अस्पताल के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थान पुलिस मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाने और स्थिति सामान्य कराने का प्रयास करती रही। दरअसल पूजा की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। यह उनकी पहली डिलीवरी थी। घटना के बाद माता-पिता और पति का रो-रोकर बुरा हाल था।
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