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मधुबनी के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ स्थित धता टोल में सोमवार देर रात हुई गोलीबारी के मामले में आरोपी एएसआई चंद्रमोहन सिंह अब तक फरार है। उस पर एक व्यक्ति की हत्या और तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल करने का आरोप है। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर एसपी ने आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। आरोपी के नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। गोलीबारी के बाद इलाके में तनाव गोलीबारी की खबर फैलने के बाद मंगलवार को बाबूबरही और आसपास के इलाकों में तनाव बना रहा। घटनास्थल और आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी। किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए बाबूबरही-मधुबनी मुख्य सड़क और संवेदनशील जगहों पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। बेटे ने पिता को दी मुखाग्नि गोलीबारी में मारे गए अशोक यादव का बुधवार सुबह अंतिम संस्कार किया गया। उनके 17 वर्षीय बेटे हितेश कुमार यादव ने पिता को मुखाग्नि दी। अशोक यादव के परिवार में पत्नी अस्मिता देवी, तीन बेटियां और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाला एक बेटा है। दो घायलों की हालत चिंताजनक गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल विजेंद्र यादव को बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित आईजीआईएमएस रेफर किया गया है। फूलों देवी का इलाज आर्मी मेमोरियल अस्पताल में चल रहा है। दोनों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। पीड़िता का न्यायालय में बयान दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता का बयान न्यायालय में दर्ज कराया है। पीड़िता के मुताबिक, सोमवार रात वह घर में सो रही थी। इसी दौरान एएसआई खिड़की के रास्ते कमरे में दाखिल हुआ और हथियार दिखाकर चुप रहने की धमकी दी। ग्रामीणों ने आरोपी के आचरण को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बलिराजगढ़ उत्खनन स्थल की सुरक्षा में तैनात एएसआई पिछले करीब छह महीने से अंबेडकर आवासीय विद्यालय में रह रहा था। इस दौरान उसके व्यवहार और महिलाओं के प्रति गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए गए थे। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पीड़िता और मां की सुरक्षा में 6 जवान आरोपी की गिरफ्तारी में देरी और पीड़ित परिवार की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। पीड़िता और उसकी मां की सुरक्षा में चार महिला और दो पुरुष सिपाहियों को शिफ्टवार तैनात किया गया है। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में भी पुलिस सतर्कता बरत रही है। चौकीदार समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित मधुबनी एसएसपी योगेंद्र कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस जांच में बलिराजगढ़ पिकेट पर तैनात चौकीदार की गंभीर लापरवाही सामने आई है। चौकीदार ने समय पर घटना की सूचना वरीय अधिकारियों को नहीं दी और आरोपी के फायरिंग कर फरार होने के दौरान भी कार्रवाई नहीं की। उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी के अनुसार, पिकेट पर तैनात चार अन्य सैफ जवानों ने भी घटना के समय कोई कार्रवाई नहीं की। कर्तव्य के प्रति उदासीनता पाए जाने पर चारों जवानों को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने के लिए विभागीय स्तर पर पत्राचार भी किया गया है। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने कहा कि एएसआई चंद्रमोहन सिंह को अब पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि अपराधी के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग घटना से आक्रोशित पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने आरोपी एएसआई की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग की है। परिवार ने मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और बच्चों की शिक्षा व परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी सरकार से उठाने की मांग की है। बाबूबरही थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि इलाके में विधि-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं। सर्विलांस टीम की भी मदद ली जा रही है।
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