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दरभंगा में बड़े भाई की नाबालिग (15) चचेरी साली से रेप किया। पीड़िता 9वीं क्लास की छात्रा है। 22 सितंबर को वो स्कूल से लौट रही थी। तभी आरोपी प्रवींद्र मांझी और उसका नाबालिग सहयोगी बाइक से पहुंचा। घर पहुंचाने की बात कहकर प्रवींद्र ने पीड़िता को अपनी बाइक पर बैठा लिया। पहचान होने के कारण नाबालिग उसकी बाइक पर बैठ गई। कुछ दूर जाने पर आरोपी ने लड़की को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। आरोपी नाबालिग को किसी सुनसान इलाके में ले गया। वहां उसके साथ रेप किया। रात भर पीड़िता आरोपी के कब्जे में रही। अगले दिन 23 सितंबर को आरोपी नाबालिग को लेकर दिल्ली भागने वाला था इससे पहले वो पकड़ा गया। मामले में पीड़िता की मां ने 25 सितंबर को पुलिस को आवेदन दिया, प्राथमिकी दर्ज हुई और 26 सितंबर की सुबह आरोपी प्रवींद्र मांझी को पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार किया। साथ नाबालिग लड़के को भी पकड़ा जिसने वारदात में आरोपी का सहयोग किया। मामले में तीसरी गिरफ्तारी प्रवींद्र के पिता जामुन मांझी की भी हुई है। जामुन पर आरोप है कि पीड़ित पक्ष को उसने धमकाया। मामला बिरौल थाना क्षेत्र का है। रेल पुलिस ने फोन कर बेटी की दी जानकारी पीड़िता के मां ने पुलिस को आवेदन में बताया कि मेरी बच्ची +2 उच्च विद्यालय में पढ़ती है। जब वो स्कूल से नहीं लौटी तो हमें उसकी चिंता होने लगी। हमलोगों ने उसकी खोजबीन की, पर उसका कहीं कुछ पता नहीं चल रहा था। अगले दिन 23 सितंबर को दरभंगा रेलवे स्टेशन से पुलिस ने फोन किया कि आपकी बेटी हमारे पास है। स्टेशन आकर ले जाएं। हमलोग वहां पहुंचे और बेटी को घर ले आए। स्टेशन पर पुलिस ने एक युवक को भी हिरासत में लिया था। उसे हम पहचानते थे, वो प्रवींद्र मांझी था। रेलवे स्टेशन पर हमें और रेल पुलिस को भी नहीं पता था कि बेटी के साथ क्या हुआ है। बेटी ने स्टेशन पर कुछ नहीं बताया था। आरोपी के पिता ने घर आकर अंजाम भुगतने की धमकी दी बेटी को जब घर ले आए तो उसने बताया कि प्रवींद्र बाइक से सुनसान जगह ले गया था। उसने मेरे साथ गलत किया। जिसके बाद प्रवींद्र के पिता हमारे घर पहुंचे और गाली-गलौज की। धमकी दी कि मुकदमा किया तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना। पीड़िता के मां के अनुसार 24 सितंबर को हम थाना नहीं पहुंचे थे। उस दिन पंचायती हुई थी। पंचायती में भी आरोपी पक्ष ने हमें धमकाया। जिसके बाद हमलोगों ने 25 सितंबर को बिरौल थाने में आवेदन दिया और प्राथमिकी दर्ज हुई। रेल पुलिस ने बॉन्ड भरवाकर छोड़ा था
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अनुसंधान के दौरान सामने आया कि नाबालिग और आरोपी बिरौल थाना क्षेत्र से बाइक से दरभंगा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। स्टेशन पर जीआरपी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और जीआरपी थाना ले गई। इसके बाद दोनों पक्षों के परिजनों को सूचना दी गई। परिजनों के स्टेशन पहुंचने पर जीआरपी ने बॉन्ड भरवाकर उन्हें छोड़ दिया और जीआरपी थाना में एंट्री कर लिया गया। सूचना बिरौल थाने की पुलिस को भी दी गई। एसडीपीओ ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रवींद्र मांझी पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप है। उसके सहयोगी और पिता जामुन मांझी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, जामुन मांझी पर आरोप है कि उसने पीड़िता के परिजनों को धमकी दी और उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में इस्तेमाल बाइक और एक मोबाइल जब्त किया है। पीड़िता को पुलिस अभिरक्षा में मेडिकल जांच के लिए डीएमसीएच भेजा गया है।
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