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बक्सर में शराब तस्करी के एक मामले में विशेष उत्पाद न्यायालय-2 ने एक आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया गिरफ्तारी से लेकर सजा सुनाए जाने तक महज तीन महीने में पूरी कर ली गई, जो त्वरित न्याय का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। जुर्माना राशि जमा न करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। यह फैसला एडीजे सह विशेष न्यायाधीश (उत्पाद) सोनेलाल रजक की अदालत ने सुनाया। घटना 28 जनवरी 2026 की मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार राय, अपर विशेष लोक अभियोजक रविंद्र कुमार सिन्हा और श्याम श्रीचंद्र ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 28 जनवरी 2026 की है। उस दिन शाम करीब छह बजे वीर कुंवर सिंह सेतु स्थित उत्पाद चेक पोस्ट पर शराब तस्करी के खिलाफ जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान भरौली की ओर से पैदल आ रहे एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उत्पाद विभाग की टीम ने उसे रोका और तलाशी ली। युवक के पास मिली शराब की बोतलें तलाशी के दौरान युवक के शरीर पर कमर के ऊपर टेप से बंधी शराब की बोतलें मिलीं। जांच में 180 मिलीलीटर क्षमता वाली 8 पीएम रम की कुल 23 बोतलें बरामद की गईं, जिनकी कुल मात्रा 4.140 लीटर थी। इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम ने युवक को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान बक्सर शहर के सिविल लाइन निवासी दीनानाथ मिश्रा के 19 वर्षीय पुत्र मनु मिश्रा के रूप में हुई। कार्रवाई करने वाली टीम में सहायक अवर निरीक्षक बसंती कुमारी, मध्य निषेध सिपाही सौरभ सिंह और गृह रक्षक अनिल कुमार शामिल थे। साक्ष्यों से संबंधित मजबूत प्रमाण प्रस्तुत किए मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष बरामदगी, जांच प्रक्रिया और अन्य साक्ष्यों से संबंधित मजबूत प्रमाण प्रस्तुत किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को पर्याप्त एवं विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। विशेष लोक अभियोजकों ने बताया कि उत्पाद अधिनियम के मामलों में इतनी कम अवधि में सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया जाना न्यायिक व्यवस्था की तत्परता को दर्शाता है। साथ ही यह फैसला शराब तस्करी में संलिप्त लोगों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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