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पेपर चोर गद्दी पेपर लीक को लेकर कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा ऑफिस के बाहर किया जोरदार प्रदर्शन…



NSUI Workers Protest Outside NTA Office: कांग्रेस की छात्र शाखा NSUI ने आज, 12 मई को NTA ऑफिस (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ‘पेपर चोर, गद्दी छोड़’ के नारे भी लगाए।

दरअसल, देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को पेपर लीक और विवादों के बाद रद्द कर दी गई। केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है कि सख्त एंटी पेपर लीक कानून लागू होने के बाद भी परीक्षा माफिया किस तरह से सक्रिय हैं।

NSUI कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा

इसे लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा, ‘देश के हर कोने से छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। NEET की तैयारी करने वाले छात्र सड़कों पर हैं। सरकार कहां है? आज जिन लोगों ने पूरी लगन, मेहनत और ईमानदारी के साथ नीट परीक्षा की तैयारी की थी, उनके भविष्य को पांच-पांच हजार और दस-दस हजार में व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर बेचा गया है।’

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे सरकार- NSUI

उन्होंने आगे मांग करते हुए कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि इस साजिश में शामिल किसी भी व्यक्ति को कड़ी सजा मिले। इस तरह से अगर पेपर लीक होते रहेंगे, तो सरकार और एनटीए पेपर कराने में कामयाब नहीं है। यह सरकार की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।

‘600 नंबर का हुबहू पेपर व्हाट्सएप ग्रुप में घूम रहा था’

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमें अंदेशा है कि इस साजिश में सरकार और प्रशासन के कुछ लोग मिले हुए हैं और उनकी मिलीभगत से पेपर लीक हुआ है। दो दिन पहले लोगों के व्हाट्सएप ग्रुप पर पेपर आ गया। 600 नंबर का पेपर हुबहू आज टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप में घूम रहा था। ऐसे में सरकार और एजेंसियां क्या कर रही थी? ये सरकार से NSUI कार्यकर्ताओं और नीट के विद्यार्थियों के सवाल हैं। सरकार, विशेष रूप से धर्मेंद्र प्रधान को इस विफलता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपना इस्तीफा देना चाहिए।

SC की निगरानी में जांच की मांग

उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य मांग यह है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर प्रतिबंध लगाया जाए। हम मांग करते हैं कि जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की जाए। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमें सरकार पर कोई भरोसा नहीं है।

क्या है मामला?

बता दें कि NEET UG 2026 परीक्षा से पहले कथिततौर पर पेपर लीक किए गए। दावा किया गया कि ये पेपर वास्तविक परीक्षा पेपर से मेल खाते थे। इसके बाद पेपर लीक को लेकर बवाल मच गया और फिर नेशनल एंट्रेंस कम एलिजिबिलिटी टेस्ट (NEET) UG 2026 की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी और 700 में से 600 नंबर के सवाल लीक हो गए थे। दावा ये भी किया जा रहा है कि परीक्षा से 3 दिन पहले 5-5 लाख रुपए में पेपर बेचे गए थे। 22 लाख से अधिक कैंडिडेट्स नीट यूजी 2026 एग्जाम में शामिल हुए थे। अब सभी कैंडिडेट्स के लिए NTA दोबारा से नीट यूजी 2026 का आयोजन करेगा, जिसकी तारीख का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: NEET-UG 2026: मन की बात में PM मोदी बोलते हैं टेंशन नहीं लो लेकिन… NEET पेपर लीक होने पर भड़के ओवैसी, केजरीवाल-गहलोत समेत किसने क्या कहा?

 



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