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नालंदा जिले के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक हृदयकांत ने शुक्रवार(21 अगस्त 2026) को विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया है। कमान संभालते ही नए कप्तान पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। जिले में कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने, आम जनता में सुरक्षा की भावना जगाने और अपराधियों में पुलिस का खौफ कायम करने के उद्देश्य से लगातार ताबड़तोड़ कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। फ्लैग मार्च से दिया कड़ा संदेश पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद एसपी हृदयकांत खुद पुलिस बल के साथ बिहार शरीफ की सड़कों पर उतरे और व्यापक फ्लैग मार्च का नेतृत्व किया। फ्लैग मार्च के जरिए उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि जिले में कानून का राज सर्वोच्च प्राथमिकता है। आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और अपराधियों व असमाजिक तत्वों को कड़ा अल्टीमेटम देने के लिए यह संदेश बेहद कारगर साबित हुआ। पहली क्राइम मीटिंग: अपराध नियंत्रण और आगामी त्योहारों पर रणनीति शनिवार, 22 अगस्त को पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, अंचल निरीक्षकों और थानाध्यक्षों के साथ पहली उच्चस्तरीय क्राइम मीटिंग की। बैठक में लंबित कांडों के अनुसंधान की समीक्षा की गई और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के कड़े निर्देश दिए गए। साथ ही, आगामी त्योहारों के मद्देनजर विधि-व्यवस्था, संवेदनशील इलाकों में गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था की पुख्ता रूपरेखा तैयार की गई। दिन में नूरसराय तो देर रात हरनौत थाना पहुंचा नए एसपी की कार्यशैली का असर उस वक्त देखने को मिला जब वे खुद जमीनी हकीकत परखने थानों के औचक निरीक्षण पर निकल पड़े। 22 अगस्त को दिन में एसपी अचानक नूरसराय थाना पहुंचे। वहां उन्होंने पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों से संवाद कर थाना की कार्यप्रणाली, दैनिकी संधारण और इलाके की विधि-व्यवस्था का जायजा लिया। जबकि 22 अगस्त की देर रात एसपी हरनौत थाना पहुंचे। उन्होंने थाना सरिस्ता, हाजत, मालखाना और बैरकों की स्थिति की बारीकी से जांच की। अभिलेखों के अद्यतन संधारण और रात्रि गश्ती को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस केंद्र में परेड, टर्नआउट और व्यवस्थाओं की ली सुध रविवार, 23 अगस्त की सुबह पुलिस अधीक्षक नालंदा पुलिस केंद्र पहुंचे, जहां भव्य परेड का आयोजन किया गया। एसपी ने परेड का निरीक्षण करते हुए जवानों के बेहतर टर्नआउट और वर्दी में एकरूपता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन ही पुलिस बल की असली पहचान है। परेड के बाद उन्होंने पुलिस जवानों के बैरक और मेस का भी निरीक्षण कर साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) एवं सार्जेंट मेजर सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अपराधियों में हड़कंप, जनता में बढ़ा भरोसा कार्यभार संभालने के मात्र 48 से 72 घंटों के भीतर लगातार बैठकों, फ्लैग मार्च और औचक निरीक्षणों के इस सिलसिले से पूरे नालंदा पुलिस महकमे में सक्रियता बढ़ गई है। वहीं अपराधियों व उपद्रवियों में हड़कंप का माहौल है। आम जनता में यह भरोसा जगा है कि नए पुलिस कप्तान के नेतृत्व में नालंदा में विधि-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
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