
Jewar Airport Aerodrome License: उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR के लोगों के लिए DGCA ने बड़ी खुशखबरी दे दी है। यहां जेवर में बन रहे देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) को एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया है। लाइसेंस मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही यहां से विमानों की आवाजाही शुरू हो सकती है। यह उपलब्धि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) के लिए एक बड़ी सफलता होगी।
DGCA ने जारी किया एयरोड्रम लाइसेंस
बता दें, यह लाइसेंस भारत के नागरिक उड्डयन नियामक डीजीसीए (DGCA) ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी किया है। बता दें, किसी भी हवाई अड्डे के संचालन के लिए यह लाइसेंस बेहद जरूरी होता है, जिससे पता चलता है कि एयरपोर्ट का बुनियादी ढांचा, सुरक्षा मानक और तकनीकी सुविधाओं के लिहाज से एयरपोर्ट खरा उतरा है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा फायदा मिल सकेगा।
बता दें, जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल होने जा रहा है। इसी के साथ एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब एयरपोर्ट से विमानों की उड़ान शुरू होने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
अधिकारियों का मानना है, जल्द ही यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन भी होने लगेगा। इस विशाल एयरपोर्ट को कई चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में यह एयरपोर्ट लाखों यात्रियों को सेवा देने की क्षमता रखेगा।
IGI एयरपोर्ट पर घटेगा दबाव, NCR और UP को फायदा
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़ और आसपास के जिलों के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। उन्हें लंबी दूरी तय कर दिल्ली एयरपोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
साथ ही, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिल्ली-NCR क्षेत्र के एयर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा परियोजना से क्षेत्र में रोजगार, निवेश और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।