
Bhopal news: शनिवार (13 जून) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भोपाल में रहे। इस दौरान उन्होंने ‘आत्मनिर्भर महिला सम्मान’ कार्यक्रम में आत्मनिर्भर नारी शक्ति से संवाद किया। साथ ही उनके द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों का अवलोकन भी किया। शिक्षा मंत्री ने महिलाओं के मेहनत, प्रतिभा और आत्मविश्वास की जमकर सराहना की और कहा कि देश की नारी शक्ति कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता के बल पर अपनी नई पहचान बना रही है।
इस मौके पर उनके साथ भोपाल से सांसद आलोक शर्मा, भोपाल दक्षिण-पश्चिम से विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, भोपाल महापौर मालती राय भी मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में नारी शक्ति को सशक्त, आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आज हमारी लखपति दीदियां स्वरोजगार के साथ शिक्षा, कौशल और नवाचार के क्षेत्र में नई मिसाल स्थापित कर रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि किस तरह से महिलाएं उच्च शिक्षा और PhD की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लेकर चल रही है। वहीं, कई महिलाएं डबल ITI जैसे कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मंदिरों से जुड़े उत्पादों के पुन: उपयोग से नए उत्पाद तैयार करना स्वच्छता, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता का प्रेरक उदाहरण है। केंद्र सरकार की गोवर्धन योजना जैसी पहल भी वेस्ट को उपयोगी संसाधन में बदलकर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है।
शिक्षा मंत्री ने दिए ये निर्देश
धर्मेंद्र प्रधान ने ऐलान किया कि लखपति दीदियों को शिक्षा और कौशल के और अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए IGNOU के साथ मिलकर नए प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही IIM जैसे संस्थानों को भी इस पहल से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा, ताकि हमारी नारी शक्ति को नई संभावनाओं से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि भोपाल को स्वच्छ, सुंदर और आत्मनिर्भर शहर बनाने की दिशा में भोपाल नगर निगम के प्रयासों में भी नारी शक्ति की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। PNG (Piped Natural Gas) के उपयोग को बढ़ावा देकर ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर जीवनशैली के संकल्प को भी आगे बढ़ाना है। हमारा प्रयास है कि भोपाल का हर घर नारी शक्ति की आत्मनिर्भरता और सफलता की कहानी का साक्षी बने। हमारी मातृ शक्ति की भागीदारी से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। यही शक्ति भारत की प्रगति और समृद्धि का आधार है।