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गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने आज दो कार्रवाई कीं। ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत चोरी के मोबाइल और पर्स के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया गया, जबकि ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत घर से भागी एक नाबालिग बच्ची को सुरक्षित बचाकर चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा गया। इन कार्रवाइयों के लिए RPF की सक्रियता की सराहना की जा रही है। पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू मंडल के तहत रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट गया की टीम स्टेशन परिसर में लगातार गश्त और निगरानी कर रही थी। निरीक्षक बनारसी यादव के नेतृत्व में सउनि मृत्युंजय कुमार अकेला, प्रधान आरक्षी संजय कुमार राय, राकेश कुमार सिंह, रौशन कुमार, अनिल प्रसाद, देवेंद्र प्रसाद और सीआईबी गया और राजकीय रेल थाना की संयुक्त टीम प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर गश्त कर रही थी। प्लास्टिक की थैली में मोबाइल बरामद इसी दौरान हावड़ा छोर पर एक युवक संदिग्ध अवस्था में बैठा दिखाई दिया। पुलिस टीम को देखते ही युवक भागने और छिपने का प्रयास करने लगा। जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान मो. सोनू (27), पिता अब्दूल मनान, निवासी बहेरा थाना गुरारू, जिला गया के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसके पास से एक प्लास्टिक की थैली में MOTOROLA कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल बरामद हुआ। मोबाइल चालू हालत में था, लेकिन युवक उसे अनलॉक नहीं कर सका और पूछताछ में स्वीकार किया कि वह किसी यात्री का चोरी किया हुआ मोबाइल है। इसके अलावा, उसके पास से एक लाल रंग का पर्स भी मिला। पर्स में हरिशंकर कुमार, निवासी मोकामा, पटना के नाम का वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो एसबीआई डेबिट कार्ड, एक पंजाब नेशनल बैंक का डेबिट कार्ड और 750 रुपये नकद बरामद हुए। नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचाया वहीं, दूसरी ओर रेलवे सुरक्षा बल की ओर से चलाए जा रहे “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत एक 12 साल की नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचाया गया। उप निरीक्षक विकास कुमार अपनी टीम के साथ प्लेटफॉर्म संख्या-1 स्थित मध्य ब्रिज के पास संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान एक बच्ची डरी-सहमी हालत में अकेली बैठी दिखाई दी। महिला आरक्षी सोनिका को बुलाकर बच्ची से पूछताछ की गई।
बच्ची ने बताया कि वह बेलागंज की रहने वाली है और माता-पिता के डर और घर के खराब माहौल से परेशान होकर बिना किसी को बताए घर से निकल आई थी। रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने बच्ची को समझाकर सुरक्षित रेसुब पोस्ट लाया और उसकी देखभाल की। बाद में रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क गया और जिला बाल संरक्षण इकाई के सुपरवाइजर सावन कुमार दुबे और केस वर्कर रेखा कुमारी को बच्ची को सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया।
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