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गयाजी शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक विवाहिता ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया है। घटना 13 अप्रैल की बताई जा रही है। महिला का आरोप है कि घटना और शिकायत के 8 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। शिकायतकर्ता महिला ने सिविल लाइन थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। महिला के मुताबिक, विवाद पारिवारिक जमीन-जायदाद के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ था। आरोप है कि उसके भैसूर (जेठ) अजय कुमार ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया और उसके कपड़े फाड़ दिए। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद उसे मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक सप्ताह तक चले इलाज के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया शिकायतकर्ता ने बताया कि लगभग एक सप्ताह के इलाज के बाद मुझे अस्पताल से छुट्टी मिली। इसके बाद मैं पुलिस के पास पहुंची और मामला दर्ज कराते हुए भैसूर अजय कुमार को रेप की कोशिश का आरोपी, जबकि एक और जेठ प्रवीण कुमार, सास कलावती देवी और गोतनी सोनी वर्मा को मारपीट का आरोपी बनाया। शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि घटना के बाद से वो लगातार भय के माहौल में जी रही है। उसने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष की ओर से उसे और उसके परिवार को लगातार फोन कर मामले को “मैनेज” करने और समझौता करने की धमकी दी जा रही है। महिला ने अपनी सास पर यह भी आरोप लगाया कि उसे घर में रहने नहीं दिया जाता और अक्सर घर में ताला लगा दिया जाता है। महिला बोली- पति चार भाइयों में सबसे छोटा, संपत्ति में बेइमानी कर रहे बड़े भाई महिला ने बताया कि मेरे पति चार भाइयों में सबसे छोटे हैं। परिवार में पहले ही जमीन, घर का बंटवारा पंचायत और परिवार के लोगों की मौजूदगी में हो चुका है। बावजूद इसके, अन्य भाई बंटवारे को लेकर असंतोष जताते हुए मुझे और मेरे पति को प्रताड़ित कर रहे हैं। महिला ने ये भी कहा कि एक भाई, जो बाहर रहकर रेलवे में नौकरी करता है, वो भी फोन के जरिए धमकी देता है कि बंटवारा सही नहीं हुआ है। वहीं, पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं करने के महिला के आरोपों पर सिविल लाइन थाना अध्यक्ष शमीम अख्तर ने कहा कि FIR एक सप्ताह पहले ही दर्ज कर ली गई थी। उन्होंने कहा कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा है, महिला का मेडिकल कराया गया है, मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद ही किसी की गिरफ्तारी या आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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