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गयाजी कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में पिछले कई दिनों से मेस बंद होने के कारण छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हॉस्टल में रहने वाली लड़कियां या तो भूखे रहने को मजबूर थीं या फिर उन्हें बाहर से महंगा खाना खरीदकर खाना पड़ रहा था। इससे पढ़ाई के साथ-साथ उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा था। इस पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गयाजी कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में पिछले कई दिनों से मेस बंद होने के कारण छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को छात्राएं हॉस्टल के गेट पर धरने पर बैठ गईं। काफी समझाने के बाद मामला शांत हुआ। आरोप है कि बिना किसी नोटिस के मेस बंद कर दिया गया, जिससे उन्हें बहुत परेशानी हुई। इस मामले में कॉलेज प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। छात्राओं का कहना था कि मेस में खाना के नाम पर 1800 रुपए लिए जाते हैं, लेकिन अब 600 रुपए की वृद्धि की बात कही जा रही है। किसी भी कीमत पर इसे स्वीकार नहीं करेंगी। इसके अलावा हॉस्टल की साफ सफाई के मसले को लेकर काफी उग्र थे। आरोप था कि हॉस्टल में नियमित साफ सफाई नहीं होती है। न वॉशरूम न ही पानी की व्यवस्था दुरुस्त है। उचित कार्रवाई का मिला आश्वासन आंदोलन की भनक मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता तुरंत गर्ल्स हॉस्टल पहुंच गईं। वहां उन्होंने पीड़ित छात्राओं से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद परिषद कार्यकर्ताओं ने हॉस्टल की वार्डन से मिलकर मेस को तुरंत चालू करने की मांग की। विद्यार्थी परिषद के कड़े रुख और दबाव के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा। बंद पड़ी मेस को दोबारा शुरू कराया गया, जिससे छात्राओं ने राहत की सांस ली। धरने को लीड कर रही ट्विंकल रक्षिता ने बताया कि मेस की सुविधा शुरू की गई है। मेस में कामकाज देर शाम शुरू किया गया है। इसके अलावा साफ-सफाई के मसले पर भी ठोस कार्रवाई का आश्वाशन दिया गया है। पंखा और बिजली की व्यवस्था दुरुस्त कराने का भरोसा दिया गया है।
कॉलेज प्रशासन पर लगाए आरोप वहीं, प्रांत छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि एक सरकारी कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं को खाने जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। अगर एबीवीपी समय पर दखल नहीं देती, तो न जाने लड़कियों को और कितने दिनों तक भूखा रहना पड़ता। कॉलेज प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहा है। विभाग छात्रा प्रमुख कौशिकी कुमारी ने कॉलेज प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्राओं की शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। आगे से ऐसी लापरवाही दोबारा हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरना समाप्ति के मौके पर मुख्य रूप से जिला संयोजक विनायक कुमार, नीरज कुमार, पूजा कुमारी, अन्नू कुमारी और नंदनी कुमारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
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