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‘’नौकरी लेकर पहले एक मजबूत पक्का मकान बनाउंगी, उसके बाद अपने कमाई के खर्च से ही मैं अपनी शादी का पुरा खर्च करुंगी।’’ “मां, आज मैं और सभी बहनें गंगा स्नान करने जा रही हूं। जल्दी लौट आऊंगी। आप चिंता मत करना, दोपहर का खाना हम सब साथ बैठकर खाएंगे।” घर से निकलते समय बेटी संगीता ने मुस्कुराते हुए अपनी मां से यही बात कही थी। मां ने भी प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरते हुए कहा, “ठीक है बेटी, लेकिन सावधानी से रहना। नहाकर जल्दी घर लौट आना, मैं तुम्हारे पसंद का खाना बनाऊंगी और हम सब साथ बैठकर खाएंगे।” मुंगेर के गंगा घाट पर बुधवार सुबह हंसी-खुशी पहुंचीं 5 बच्चियों में से 4 की मौत हो गई। यह नहीं जानती थीं कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। नहाने के दौरान अचानक एक बच्ची गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के लिए दूसरी बहन कूदी, फिर तीसरी और चौथी भी पानी में उतर गईं। देखते ही देखते सभी तेज धारा में फंस गईं। घाट पर चीख-पुकार मच गई। बुआ ने भी बच्चियों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह खुद भी पानी में समा गईं। आसपास मौजूद लोगों ने कई को निकालने की कोशिश की, मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस हादसे में 4 की मौत हो गई, जबकि एक की तलाश अब भी जारी है। घर पर बैठी मां को जब खबर मिली तो मां हैरान रह गई। कुछ घंटे पहले जिस बेटी ने कहा था, “मां, गंगा नदी में नहाकर आती हूं” वही बेटी अब कभी लौटकर नहीं आएगी। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने 4-4 लाख के मुआवजे का ऐलान किया है। अब जानिए पूरा मामला… मुंगेर में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के श्यामपुर बघचपरा गांव में डूबे पांच लड़कियों में से चार का शव पहले दिन बरामद हुआ। शाम पांच बजे के बाद गोताखोर और SDRF की टीम वापस गंगा से बाहर हो गए। वहीं पहले दिन 4 लड़कियों का शव बरामद हुआ। उसमें क्रांति पासवान की बेटी संगीता कुमारी (18), संध्या कुमारी (14) और सोनाली कुमारी (12), चामो पासवान की बेटी हिना कुमारी (19) के रूप में हुई है। हिना सभी बहनों की बुआ थी। जबकि एक बहन 16 साल की विनीता कुमारी लापता है। गंगा किनारे तलाशी अभियान जारी लापता बिनीता कुमारी को अब गोताखेर और एसडीआरफ टीम के द्वारा गुरुवार को खोजा जाएगा। जबकि परिजनों के द्वारा गंगा किनारे तलाशी अभियान जारी है। वहीं घटना के संबंध में मृतिका संगीता कुमारी के मामा संजय कुमार ने फोन पर बताया कि संगीता घर की सबसे बड़ी बेटी थी। उन्होंने बताया कि मृतिका के पिता के क्रांती पासवान गांव के समीप ही ईंट भट्ठा पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषन करता था। उन्होंने बताया कि संगीता बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थी। ग्रेजुएशन के लिए संगीता ने किया था अप्लाई इस बार संगीता इंटर पास कर मुंगेर शहर के BRM कॉलेज में B.A. फर्स्ट सेमेस्टर में नामांकन कराने के लिए फार्म अप्लाय की थी। जिसके बाद कॉलेज का नाम आने के बाद वह अपने आगे की पढ़ाई के लिए बुधवार को नामांकन कराने कॉलेज जाती। इससे पहले घर में पूजा अर्चना करने की योजना बनाई थी। इसी के लिए गंगा स्नान कर गंगाजल लाने गई थी। तभी गंगा में नहाते वक्त चार बहनों की डूबने से उसकी मौत हो गई। माता-पिता से बात चीत के दौरान यह बात सामने आया कि बेटी सपना ने अपने माता- पिता से कहा था कि नौकरी लेकर पहले पक्के की घर बनाउंगी, उसके बाद अपने कमाई के खर्च से ही शादी करने की बात कही थी। इसके अलावा छोटी बहन और भाई को भी अच्छे स्कूल में पढ़ाई करवाने का बड़ी बहनों की शौक थी जो अपने माता पिता से पूर्व में संगीता ने बताई थी। अंतिम क्षण तक बहनों ने नहीं छोड़ा एक दूसरे का हाथ ग्रामीणों के मुताबिक जब संगीता अपने 3 बहनों के साथ गंगा में डूब रही थी, तभी उसने अपने बहनों को आखिरी पल तक गंगा में बचाने का प्रयास किया, इस दौरान चारों बहन एक दूसरे को बचाने के लिए हाथ पकड़े हुए थे। लेकिन संगीता के द्वारा काफी प्रयास के बावजुद भी अपने तीन बहनों को बचाने में असफल रहे और खुद गंगा में डूब गई जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि 5 लड़की जो गंगा में डूबी उसमें से किसी को तैरना नहीं आता था, जिस कारण ये हादसा हुआ। खपरैल वाली घर में रहती थी चारों बहन मृतका संगीता के घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। एक छोटे से खपरैल वाली घर में क्रांति पासवान अपने 7 बच्चों को लेकर जीवन यापन करते थे। परिजनों के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिलाथा। जिस कारण अपने मजदूरी की कमाई से मिट्टी के घर में खपरैल देकर किसी तरह मृतकाके पिता अपने परिवार के साथ पालन पोषन कर रहे हैं। मृतका के पिता क्रांति पासवान को बेटे की चाहत थी। पत्नी रानी देवी ने 5 बेटी को जन्म दिया। जिसके बाद छठा संतान के रूप में रिषु कुमार (7) ने जन्म लिया, उसके बाद सबसे छोटे बेटेके रुप में केसव कुमार (5) ने जन्म लिया। सभी भाई बहनों की देखरेख के अलावा मां-पिता का ख्याल रखना भी संगीता की बड़ी जिम्मेदारी थी। पिता से चारों बहनों का था अधिक प्यार पिता क्रांति पासवान भी बेटे से ज्यादा बेटियों को प्यार देते थे। 4 बेटी को एक साथ खाेने के बाद पिता पुरी तरह से अपने आप में टूट चूके हैं। जबकि मां रानी देवी अपने बड़ी बेटी सहित 4 बेटी को एक साथ खो देने के बाद सदमें में चली गई है। अब उसे सबसे छोटी बेटी सोनम कुमार और 2 बेटे रिषु कुमार और केसव कुमार ही माता पिता का आखिरी सहारा बचा हुआ है। इधर गंगा घाट पर डूबे हुए लड़कियों के शव निकालने के लिए चौखंडी गांव के ग्रामीण भी अपने खर्च से जेरनेटर वाली नाव से शव की तलाशी कर रहे थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया शोक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, मुंगेर जिला के वासुदेवपुर थाना क्षेत्र स्थित श्यामपुर गंगा घाट पर गंगा स्नान के दौरान पांच किशोरियों के डूबने की घटना अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। शोक संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर दिवंगत बेटियों की पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें एवं परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें। इस दुःख की घड़ी में बिहार सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदना एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। आपदा प्रबंधन विभाग को मृतकों के आश्रित को 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया गया है। पूर्व विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधी पहुंचे वहीं घटना की जानकारी लगते ही मुंगेर विधानसभा के पूर्व विधायक प्रणव कुमार यादव और आर लोजपा के जिलाध्यक्ष प्रमोद पासवान सहित गंगा घाट पर अन्य जनप्रतिनिधी पहुंचे और मृतिका के परिजनों को सांत्वना देने के साथ प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सहायतार्थ में लगे हुए थे। इसके अलावा राजद के मुकेश यादव, डिपटी मेयर खलीद हुसैन, अरवींद यादव, प्रमोद यादव, मनीष यादव समाजसेवी, बिकास यादव ने शोक जताया है। वहीं पूर्व विधायक प्रणव कुमार यादव ने बताया कि, ”हमें जानकारी प्राप्त हुआ कि गंगा में डूबने वाली पांचो लड़की अपने घर से लगभग 2 किलोमीटर दूर गंगा में नहाने के लिए आई हुई थी।” ”लेकिन गंगा में गहराई अत्यधिक रहने के कारण इन लड़कियों को पता नहीं चल पाया और जैसे ही नहाने के लिए थोड़ी दूर आगे गई तभी पांचो एक ही साथ गहराई में चली गई। इसके बाद एक दूसरे को सभी लड़कियों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं बच सकी।” ”इस तरह से देखते ही देखते पांचो लड़की एक ही जगह पर डूब गई। वहीं बार लोजपा के जिलाध्यक्ष ने बताया कि हमलोगों जिला प्रशासन से मीलकर जल्द सरकारी मुआावजा दिलवाने के लिए जिला प्रशासन से बात करेंगे।” लोजपा आर के जिलाध्यक्ष प्रमोद पासवान ने बताया कि, ”मुंगेर के लिए यह बड़ी घटना है। जानकारी लगते ही हम लोग घटनास्थल पर आए और पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दिए। हम लोग जिला प्रशासन से मिलकर जल्द से जल्द मृतकों के आश्रितों को मुआवजा जल्द से जल्द दिलाने का काम करेंगे। हम सभी एनडीए परिवार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ हैं।” 4 एंबुलेंस को रखा गया था तैयार इधर इस बड़ी घटना को लेकर डीएम नीखील धनराज के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग भी काफी एक्टिव दिखे और गंगा घाट पर हादसे के बाद ही चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मीयों के साथ तीन बड़ा एंबुलेंस और एक छोटा एंबुलेंस को गंगा घाट पर तैयार रखा गया था। जबकि 3 एंबुलेंस से बारी बारी से डूबी हुई 4 लड़कियों के शव को पोस्ट मार्टम के लिए मुंगेर सदर अस्पताल लाया गया। इधर घटना के बाद गंगा घाट से लेकर गांव तक हार ओर चीख पुकार की आवाज सुनाई दे रही थी। 2022 के बाद 2026 में फिर बड़ी घटना साल 2022 में मुंगेर की कासिम बाजार थाना क्षेत्र के दुमट्ठा गंगा घाट पर दुर्गा प्रतिमा विर्सजन के दौरान 7 लोग गंगा में डूब रहे थे। जिसमें मौके पर मौजूद लोगों का के द्वारा लोगों को बचा लिया गया था, जबकि 3 लोगों की डूबने से मौत हो गई थी। घटना के वक्त 7 युवक गंगा की गहराई में ज्यादा चले गए थे तभी वे लोग डूबने लगे और बचाने की गुहार लगा रहे थे। इस दाैरान आसपास के लोग उन्हें बाहर निकालने की कोशिश करते रहे मगर असफल रहे थे। हर तरफ चिल्लाने और रोने की आवाज आ रही थी। ग्रामीणों की मदद से चार युवाओं को बचा मौके पर बचा लिया गया था लेकिन तीन नदी में डूब गया था काफी तलाश के बाद तीनों के शव मिले थे। मरने वालों में कासिम बाजार थाना क्षेत्र के बिंदवारा गांव के रहने वाले अमरजीत कुमार, ऋषभ राज एवं मोनू सिंह की प्रतिमा विसर्जन के दौरान गंगा नदी में डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद फिर साल 2026 में 24 जून को मुंगेर में गंगा नदी में डुबने से 4 लड़कियों की मौत हुई है जबकि एक लापता है।
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