
NEET-UG 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 की रद्द कर दिया गया है। पेपर लीक को लेकर मचे बवाल के बीच NTA ने ये बड़ा फैसला लिया है। परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 22 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए। परीक्षा रद्द होने पर छात्रों का दर्द छलका है। उनका कहना है कि परीक्षा रद्द होने से वे काफी निराश हैं।
‘हमने 15 घंटे पढ़ाई की थी, बहुत बुरा…’
भोपाल से NEET के एक उम्मीदवार ने कहा कि मेरा एग्जाम बहुत अच्छा हुआ था। हमें बहुत बुरा लग रहा है कि पेपर लीक हो गया। हमने 15 घंटे पढ़ाई की थी। सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। NEET डिजिटल तरीके से होना चाहिएष अगर दोबारा NEET होता है, तो पेपर और भी मुश्किल होगा।
ओडिशा से एक छात्रा ने कहा कि मैंने 3 मई को हुई NEET परीक्षा दी थी। मुझे पता चला कि परीक्षा रद्द कर दी गई है, क्योंकि राजस्थान में कुछ पेपर लीक हो गए थे। मैं इस खबर से बिल्कुल भी खुश नहीं हूं। मुझे पूरा सिलेबस फिर से पढ़ना पड़ेगा… यह सच में बहुत निराशाजनक है।
वहीं, राजस्थान के कोटा से एक NEET उम्मीदवार ने कहा कि यह उन सभी लोगों के लिए बहुत बुरी खबर है जिन्होंने यह परीक्षा दी थी। NTA को एक सही फैसला लेना चाहिए, जिसका असर सभी उम्मीदवारों पर न पड़े। हर कोई ऐसी खबर को झेल नहीं सकता। यह खबर आने के बाद, मुझे डर लग रहा है कि कहीं मेरी सारी मेहनत बेकार न चली जाए। इसकी क्या गारंटी है कि दोबारा होने वाली परीक्षा में ऐसी घटना फिर से नहीं होगी?
‘सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए’
भुवनेश्वर से एक और NEET उम्मीदवार कहा कि परीक्षा का पेपर लीक होना एक बहुत बड़ी बात है। दोबारा परीक्षा देना और भी ज्यादा तनावपूर्ण होता है। भारत सरकार को इस पर कोई बड़ा कदम उठाना चाहिए।
एक और NEET उम्मीदवार ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर NTA जैसी इतनी बड़ी एजेंसी यह दावा करती है कि उसके पास GPS-ट्रैक किए गए वाहन हैं, तो ऐसी घटना होना ठीक नहीं है। इतनी कड़ी मेहनत के बाद, जब ऐसी कोई घटना होती है, तो यह बहुत ही दुखद और मानसिक रूप से परेशान करने वाला होता है।
रायपुर से एक छात्र ने कहा, “NEET की परीक्षा देने वाला लगभग हर छात्र 2 साल पहले से ही तैयारी शुरू कर देता है। इससे मनोबल टूटता है। अगर मैं दूसरी बार भी उतनी ही मेहनत नहीं कर पाई, तो मेरा पूरा साल बर्बाद हो जाएगा।”
साजिश में शामिल लोगों को कड़ी सजा मिले- NSUI अध्यक्ष
परीक्षा रद्द होने से नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि देश के हर कोने से छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। NEET की तैयारी करने वाले छात्र सड़कों पर हैं। सरकार कहां है? आज, उन लोगों का भविष्य बेच दिया गया है जिन्होंने NEET परीक्षा की तैयारी पूरी लगन और ईमानदारी से की थी।
उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ा से कड़ा कदम उठाने की मांग की और कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस साजिश में शामिल किसी भी व्यक्ति को कड़ी सजा मिले। सरकार और प्रशासन के कुछ लोग इस मामले में शामिल हैं। सरकार, विशेष रूप से धर्मेंद्र प्रधान को इस नाकामी की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
NSUI अध्यक्ष ने कहा कि हमारी मुख्य मांग यह है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर रोक लगाई जाए। हम मांग करते हैं कि जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में की जाए। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमें सरकार पर कोई भरोसा नहीं है।