
BJP on Mallikarjun Kharge Statement: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादित बयान पर सियासी पारा गरमा गया है। उन्होंने तमिलनाडु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान देते हुए उन्हें ‘आतंकवादी’ तक कह दिया, जिसको लेकर कांग्रेस पर बीजेपी हमलावर है। अब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में BJP के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार (22 अप्रैल) को चुनाव आयोग से मुलाकात की है। प्रतिनिधिमंडल ने खड़गे के विवादित बयान को लेकर आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की है।
ये पूरे देश का मुद्दा है- रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि इस प्रतिनिधिमंडल में उनके और वित्त मंत्री सीतारमण के अलावा केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। उन्होंने कहा कि हम लोग बहुत दुखी मन से और आक्रोशित होकर चुनाव आयोग से मिले हैं। हमारा मुख्य मुद्दा है जो कांग्रेस अध्यक्ष जी ने प्रधानमंत्री जी को अपमानित करने का काम किया। ये सिर्फ बीजेपी का नहीं पूरे देश का मुद्दा है।
‘कांग्रेस ने सारी सीमाएं लांघ दी हैं…’
रिजिजू ने कहा कि इससे नीचे स्तर पर आज तक कोई राजनीतिक दल नहीं गया है। 140 करोड़ भारतीयों के आशीर्वाद के बाद वे प्रधानमंत्री बने हैं। प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहना इससे कांग्रेस की मानसिकता पता चलती है। प्रधानमंत्री को पहले नीच कहा, पता नहीं क्या क्या कहा, लेकिन आज सारी सीमा लांघ दी हैं।
उन्होंने कहा कि पहलगाम की बरसी है, जो लोग मारे गए उनका सिर भी झुका है। हमने चुनाव आयोग से मांग की है कि खड़गे जी पर सख्त कार्रवाई की जाए। चुनाव आयोग ने हमारी बातों को सुनकर उपयुक्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस ने पीएम को गाली देने का एक पैटर्न बना लिया है। प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहने के लिए पहलगाम की सालगिरह का दिन कांग्रेस ने चुना है। यह जनता द्वारा दिए गए जनमत का अपमान है।
क्या कहा था मल्लिकार्जुन खड़गे ने…?
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष हाल ही में चुनावी रैली को संबोधित करने के लिए तमिलनाडु में थे। यहां उन्होंने कहा कि AIADMK के लोग जो खुद अन्नादुरई की तस्वीर लगाते हैं, वे मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? उन्होंने आगे कहा, “वह (मोदी) एक आतंकवादी हैं।” हालांकि, इस बयान के तूल पकड़ने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने बयान पर सफाई भी दी।
खड़गे ने कहा कि उनका मतलब प्रधानमंत्री को सीधे आतंकवादी कहने से नहीं था, बल्कि वह यह कहना चाह रहे थे कि PM मोदी सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल करके राजनीतिक दलों और लोगों को डरा-धमका रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि ED, IT और CBI जैसी केंद्रीय संस्थाएं उनके हाथ में हैं और वे विपक्ष की आवाज दबाने के लिए इनका औजार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।