
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़कर BJP में विलय होने का ऐलान कर दिया है। उनके साथ 7 सांसदों ने भी पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है।
इसमें सबसे हैरानी वाली बात ये है कि राघव चड्ढा के साथ अशोक मित्तल ने भी पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है। आपको बता दें कि ये वही अशोक मित्तल हैं, जिन्हें AAP ने राज्यसभा में राघव चड्ढा की जगह उप-नेता बनाया था।
खास बात यह है कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सदस्य थे, जिनमें से सात पंजाब से और तीन दिल्ली से थे। दलबदल के बाद, सदन में अब AAP के केवल तीन सांसद ही बचे हैं।
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का इस्तीफा तब आया, जब AAP ने उन्हें डिमोट कर दिया और पार्टी के साथ उनके अंदरूनी मतभेद के चलते उन्हें संसद के ऊपरी सदन में AAP के उप-नेता के पद से हटा दिया।
इस्तीफा देते हुए राघव चड्ढा ने कहा, “आम आदमी पार्टी, जिसे मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और जिसे मैंने अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से पूरी तरह भटक गई है। पार्टी अब देश के लिए या राष्ट्रीय हित में काम नहीं कर रही है, बल्कि निजी फायदे के लिए काम कर रही है। आप में से कई लोग पिछले कुछ सालों से मुझसे यह कह रहे हैं, और मैंने भी निजी तौर पर यह महसूस किया है कि मैं ‘गलत पार्टी में सही आदमी’ हूं। मैं दोहराता हूं, ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं।’ इसलिए, आज मैं यह घोषणा करता हूं कि मैं आम आदमी पार्टी से खुद को अलग कर रहा हूं और लोगों के बीच जा रहा हूं।”