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अभिषेक बनर्जी पर हमले के मामले में एक्शन में सुवेंदु सरकार लोगों की हुई गिरफ्तारी मंत्री दिलीप घोष बोले सालों से लोग परेशान…



Abhishek Banerjee Attack news: पश्चिम बंगाल की पूर्व CM ममता बनर्जी के भतीजे और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। बंगाल पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले को लेकर सोनारपुर पुलिस स्टेशन में एक विशेष मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने वीडियो के आधार पर यह कार्रवाई की है।

दरअसल, शनिवार (30 मई) को सांसद अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। यहां कथित तौर पर उनकी शर्ट फाड़ी गई, उन पर अंडे-पत्थर फेंके और अभिषेक के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए गए।

अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। एक ओर विपक्ष एकजुट होकर घटना की कड़ी निंदा कर रहा है। वहीं, बीजेपी की ओर से भी इस पर जवाब आया है।

किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं- दिलीप घोष

बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि अभिषेक के साथ जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, लेकिन पिछले 15 सालों से लोग परेशान हैं। एक ही व्यक्ति ने लोगों के अधिकारों का उल्लंघन करते हुए सबको परेशान किया। न तो कोई सही कानून-व्यवस्था थी, न ही कोई सार्वजनिक सुविधाएं। सड़कें बंद कर दी जाती थीं, और सालों तक घरों के सामने बैरिकेड लगा दिए जाते थे। उन्हें यह अधिकार किसने दिया?

उन्होंने कहा कि जनता का गुस्सा लंबे समय से बढ़ रहा था, जो चुनावों में भी देखने को मिला। लोगों ने सब कुछ देखा है और वे अपनी निराशा व्यक्त करने के लिए एक मौके का इंतजार कर रहे थे। जो लोग कभी बड़े-बड़े काफिलों के साथ घूमते थे, वे अब हीरो बनने की कोशिश कर रहे हैं। हमने भी हमलों और मुश्किलों का सामना किया है। जनता की नाराजगी सालों से चली आ रही है, और ऐसी घटनाएं उसी गुस्से का नतीजा हैं।

अस्पताल ने कहा- भर्ती करने की जरूरत नहीं

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी को अपोलो अस्पताल लेकर गए। इसके बाद उन्हें कोलकाता के बेले व्यू हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां से उनका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें स्ट्रेचर पर अस्पताल जाते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान अस्पताल ने ‘मामूली चोट’ की बात कहकर अभिषेक को भर्ती करने से इनकार कर दिया। बेले व्यू हॉस्पिटल ने एक बयान में बताया है कि उन्हें सीने पर पड़े खरोंच के निशान के अलावा, चोट का कोई भी गंभीर शारीरिक लक्षण दिखाई नहीं दे रहा है। मरीज बातचीत कर रहा है और पूरी तरह से होश में व सचेत है। इसलिए, मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

अभिषेक के सीने के आसपास खून के थक्के जम गए- ममता

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भतीजे पर हमले को लेकर बिफर पड़ी। वे तमतमाते हुए अस्पताल पहुंचीं। ममता बनर्जी ने बीजेपी और डीसीपी पर अस्पताल को धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता में हैं, वे सभी अस्पतालों और बड़े अधिकारियों को धमका रहे हैं कि वे अभिषेक बनर्जी को भर्ती न करें, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। जब मैं अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटर के साथ बैठी थी, तो उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें पुलिस की तरफ से धमकी भरे फोन आ रहे हैं। डॉक्टर दुखी हैं, लेकिन उन पर दबाव है।

ममता ने कहा कि अभिषेक को अगर कोई भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या आती है, तो इसके लिए नर्सिंग होम के अधिकारी और उनकी देखभाल करने वाले डॉक्टर- खासकर अपोलो और बेले व्यू के डॉक्टर जिम्मेदार होंगे।

इस दौरान पूर्व CM ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर अभिषेक ने हेलमेट न पहना होता, तो उसकी जान जा सकती थी। उसके सीने के आसपास खून के थक्के जम गए हैं।

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