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किशनगंज में AIMIM बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने उत्तर प्रदेश के बरेली में किशनगंज निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजहरी की मौत के मामले को लेकर भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक निजी उद्घाटन समारोह के दौरान यह बयान दिया। इमान ने आरोप लगाया कि भाजपा ने नफरत की खेती की है, जिसके परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि RSS शुरू से ही ‘बांटो और राज करो’ की राजनीति पर अमल कर रहा है। इमान ने 15% अल्पसंख्यक और 85% अन्य के आंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों ने कभी बहुमत को चुनौती नहीं दी। मुसलमानों के खून से भाजपा की ‘खेती’ हरी-भरी हुई
उन्होंने आगे कहा कि अल्पसंख्यकों के पास कोई राजनीतिक नीति या भविष्य की योजना नहीं है। इमान ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम धार्मिक उन्माद फैलाकर, “खून की होली खेलकर और लाशों पर चढ़कर” सत्ता हासिल की है। उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस और गुजरात दंगों का उदाहरण दिया, और कहा कि मुसलमानों के खून से भाजपा की ‘खेती’ हरी-भरी हुई है। अमेरिका के सामने झुककर समझौता किया गया
इमान ने आर्थिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि रुपये की कीमत गिरने के बावजूद अमेरिका के सामने झुककर समझौता किया गया है। सरकार नौकरियां नहीं दे पा रही है और महंगाई बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक उन्माद पैदा करना और मुसलमानों को निशाना बनाना ही इनकी रणनीति रही है। अब गैर-मुसलमानों और बिहारियों पर भी हमले हो रहे
पश्चिम बंगाल चुनावों का जिक्र करते हुए इमान ने कहा कि भाजपा ने वहां जाकर मुल्लाओं के बारे में आपत्तिजनक बातें कहीं। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री के बयान ‘मियां आए तो ₹5 की जगह ₹4 दो’ का हवाला देते हुए सामाजिक सद्भाव को दूषित करने का आरोप लगाया। अख्तरुल इमान ने दिल्ली में एक बिहारी मजदूर की मौत पर भी चिंता व्यक्त की और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस मामले में हस्तक्षेप की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि बिहार के कई नेता ‘बिहार सम्मान’ और ‘बिहारी फर्स्ट’ की बात करते हैं, साथ ही दलित उत्थान की भी। इमान ने आरोप लगाया कि पहले मुसलमानों को निशाना बनाया जाता था, लेकिन अब गैर-मुसलमानों और बिहारियों पर भी हमले हो रहे हैं। दिल्ली में आज जो भी कुछ है, सब बिहारी की वजह से
इमान ने कहा कि दिल्ली में बिहारी को नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के शहरी और भारतीय नागरिक को मारा गया है। इसलिए उचित कदम उठाइए। दिल्ली में मकान बन रहे हैं, सब्जी बिक रही है, शहर बस रहे हैं- सब बिहारी मजदूरों की वजह से। उन्हें अपमान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बिहार के एक बड़े नेता जितन राम मांझी पर निशाना साधते हुए कहा, “मुझे खेद है कि बिहार के एक बड़े नेता ने, खुद चीफ मिनिस्टर ने कहा कि ‘मर तो क्या हुआ’। अगर किसी दलित को कुछ कह दिया जाए तो हम लड़ जाते हैं, लेकिन इंसान को मार दिया तो क्या हुआ? मैं समझता हूं कि यह कुर्सी का प्रेम है, सत्ता का प्रेम है। अपनी इंसानियत, मर्यादा और सामाजिक मूल्यों को कुर्सी के लिए कुर्बान कर दिया गया है। भारत की आत्मा को नुकसान पहुंचाया
अख्तरुल इमान ने कहा कि नफरत की इस थैली ने देश की सामाजिक समरसता, ऐतिहासिक धरोहर और भारत की आत्मा को नुकसान पहुंचाया है। ईमान ने वंदे मातरम को लागू करने पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे सर्वोच्च्य न्यायालय के निर्णय का उल्लंघन बताया।
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