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महिलाओं का आक्रोश लोकसभा चुनाव में ही नहीं बल्कि बिल गिरने पर बोले अमित शाह पक्ष विपक्ष ने क्या कहा…



Women Reservation Bill: शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में महिला आरक्षण (संविधान 131वां संशोधन विधेयक, 2026) के गिरने के बाद, भाजपा ने देशव्यापी प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। यह बिल दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण सदन में पास नहीं हो पाया। इस बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े। वहीं, विपक्ष में 230 वोट पड़े। यानी यह बिल दो तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाया। इस बिल को लोकसभा में पास होने के लिए सरकार को 352 वोट की जरूरत थी। 

बिल पास नहीं होने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान और बांसुरी स्वराज जैसे कई बीजेपी नेताओं के अलावा विपक्ष के भी कई दिग्गज नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बताया जा रहा है कि महिला आरक्षण बिल गिरने पर BJP देशभर में प्रदर्शन कर सकती है। आइए जानते हैं गृह मंत्री अमित शाह से लेकर पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने क्या कहा।

विपक्षी पार्टियों पर अमित शाह ने साधा निशाना

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने एक्स पर लिखा ‘आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।’

आगे उन्होंने लिखा ‘अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के। मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहाँ नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश’ न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।’

17 अप्रैल देश की बहनों-लोकतंत्र के लिए काला दिन-शिवराज सिंह चौहान

महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा ’17 अप्रैल देश की बहनों और लोकतंत्र के लिए काला दिन है। कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने एक बार फिर देश की बहनों को धोखा दिया, बेटियों को ठग लिया। आदरणीय प्रधानमंत्री जी और गृह मंत्री जी ने विपक्ष की हर आशंका को निर्मूल साबित कर दिया था। स्पष्ट कर दिया था कि किसी राज्‍य के साथ कोई अन्याय और कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन महिला विरोधी विपक्ष नहीं माना।

आज केवल एक बिल ही नहीं गिरा। आज बहनों की आशाओं पर कुठाराघात हुआ। महिला विरोधी कांग्रेस और इंडी ब्‍लॉक ने बहनों के सशक्तिकरण के प्रयास को कुचल दिया। बहनों के सपनों को तोड़ दिया गया। उनके अरमानों को रौंद दिया। उनके अंदर की संभावनाओं को समाप्त किया और शक्ति स्वरूपा बहनों की भावनाओं को आहत किया।

कांग्रेस और इंडी ब्‍लॉक की सोच है – ‘नारी तू केवल अबला है’। आजादी के अमृत काल में, जब विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की अपार क्षमता का उपयोग होना चाहिए था, तब विपक्ष ने उसी शक्ति को मसल कर समाप्त करने का पाप किया है। इस बिल को गिराकर कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष ने अपने ताबूत में अंतिम कील ठोकी है। अब बहनें सड़कों पर निकलेंगी और कांग्रेस की भविष्य की संभावनाओं को कुचल कर समाप्त कर देंगी।’

लोकतंत्र के इतिहास में आज का दिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण-राजनाथ सिंह

महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा ‘भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में आज का दिन अत्यंत दुर्लभ है। संसद के विशेष सत्र के दौरान, राज्य सरकार द्वारा लोकसभा में 131वाँ संविधान संशोधन विधेयक, महिलाओं को एक-तिहाई नवीन प्रस्ताव के लिए लाया गया था। कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन ने आज लोकसभा में इस बिल के विरोध में वोट देकर अपनी महिला विरोधी चरित्र दिखाया है।

यह विधेयक सिर्फ एक बिल नहीं था, बल्कि नारी शक्ति को अधिकार एवं उन्हें सम्मान देने का अवसर था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अंतरात्मा की आवाज़ सुनने की अपील की थी लेकिन विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान को बलि चढ़ा दिया। पूरा देश हमेशा इस बात को याद रखेगा कि विपक्ष ने राष्ट्र हित और समाज हित से ऊपर अपने राजनीतिक स्वार्थ को रखा।

विपक्ष के इस महिला विरोधी निर्णय से उनकी कथनी और करनी का भेद उजागर हो गया है। अब देश की जनता उनसे स्वयं जवाब माँगेगी। लोकसभा में बिल नहीं पारित होने के बावजूद हमारा संकल्प और अधिक मज़बूत हुआ है। एनडीए सरकार नारी सम्मान और महिला सशक्तिकरण की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।’

भारत ने देख लिया, INDIA ने रोक दिया-राहुल गांधी

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा ‘संशोधन विधेयक गिर गया। उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया। भारत ने देख लिया। INDIA ने रोक दिया। जय संविधान।’

अखिलेश यादव ने जनता की जीत बताया

महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश आयड ने एक्स पर लिखा ‘जनता के बढ़ते विरोध और आक्रोश से ध्यान हटाने के लिए साज़िशन लाए गए ‘तथाकथित महिला आरक्षण बिल’ की हार भाजपा की हार है। ये भाजपा की बदनीयत की भी हार है।

भाजपा का हर प्रयास, हर बिल या तो कुछ लोगों को फ़ायदा पहुँचाने के लिए होता है या समाज को बाँटने का छल-छलावा होता है। इस बार भाजपा इस बिल के माध्यम से महिलाओं की एकता में दरार डालकर उनको ठगना चाहती थी लेकिन विपक्ष की एकता ने भाजपाई मंसूबों को धूल चटा दी। ये भाजपा के ख़िलाफ़ देश की सक्रिय हो चुकी जन चेतना की जीत है, जिसका प्रतिनिधित्व देश का विपक्ष कर रहा है।

भाजपा ने सरकार में बने रहने का नैतिक आधार खो दिया है। आज इंडिया की एकजुटता ने साबित कर दिया है कि ‘नैतिक रूप’ से भाजपा ने सरकार में बने रहने का आधार खो दिया है। संसद में जो सरकार हार जाती है, वो बाहर जाती है। ये जनता की जीत है इसीलिए पूरे देश में सालों बाद हर्षोल्लास का वातावरण बना है क्योंकि जनता को विश्वास हो गया है कि ‘बुरे दिन जानेवाले हैं!’

आज विपक्ष ने भारत के लोकतंत्र और अखंडता को अक्षुण्ण रखा-प्रियंका गांधी वाड्रा

महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर लिखा ‘संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण इस देश की महिलाओं का हक है जो उनको मिलने से कोई नहीं रोक सकता। एक दिन यह हकीकत में परिवर्तित होकर रहेगा।  मगर बदनीयती से इसे 2011 की जनगणना और उस पर आधारित परिसीमन से जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का महिलाओं का मसीहा बनने का खोखला प्रयास आज नाकाम रहा।

आज, देश के विपक्ष ने अपनी दृढ़ता और एकजुटता दिखाकर भारत के लोकतंत्र और इसकी अखंडता को अक्षुण्ण रखा है। भारत की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक माना जायेगा। आज से इस देश की आवाज़ को दबाने का काम बंद।

मैं विपक्ष के सभी सांसदों को दिल से धन्यवाद देती हूँ क्योंकि अंतर्मन में हम सब जानते हैं कि अगर ये तीन विधेयक पारित होते तो हमारे देश में लोकतंत्र नहीं बचता। अपनी शक्ति का सही इस्तेमाल करके हमने इस देश को राजनीति से ऊपर रखा है और देश के हित में अपना कर्तव्य निभाया है।’

ये भी पढ़ें: लोकसभा में पास नहीं हुआ महिला आरक्षण बिल, पक्ष में 298 वोट मिले तो विपक्ष में 230, नहीं मिला दो-तिहाई बहुमत
 



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