
Uttarakhand Cabinet Expansion: उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बहुप्रतीक्षित बंटवारा कर दिया है। हाल ही में पांच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद यह कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने विभागों के इस नए बंटवारे में प्रशासन की मुख्य कमान अपने पास रखी है, वहीं विकास से जुड़े अन्य विभाग सहयोगी मंत्रियों को सौंपे हैं।
विभागीय बंटवारे की जारी सूची के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास ही रखे हैं। अब मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण के साथ-साथ सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी सहित कुल 18 विभाग खुद संभालेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री के पास 35 से अधिक विभागों का भारी-भरकम बोझ था, जिसे अब मंत्रियों की नियुक्ति के बाद कम कर दिया गया है।
मंत्रिमंंडल में जुड़े पांच नए चेहरे
उत्तराखंड मंत्रिमंडल में पिछले काफी समय से पांच पद खाली चल रहे थे। इन खाली पदों को भरने के लिए मुख्यमंत्री ने अपनी टीम में अनुभवी और क्षेत्रीय समीकरणों में फिट बैठने वाले विधायकों को शामिल किया है। कैबिनेट विस्तार में खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। गौरतलब है कि तीन पद पहले से खाली थे, जबकि एक पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के निधन और एक पद प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद रिक्त हुआ था।
क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश
बताया जा रहा है, विभागों का यह पुनर्गठन केवल प्रशासनिक जरूरत नहीं, बल्कि एक गहरी रणनीतिक चाल भी है। CM धामी ने कुमाऊं और गढ़वाल के बीच क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित किया है। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।
CM धामी द्वारा प्रमुख प्रशासनिक नियंत्रण अपने पास रखना यह दर्शाता है कि वह कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ खुद नजर रखना चाहते हैं। वहीं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और लोक निर्माण जैसे जनता से सीधे जुड़े विभागों को मंत्रियों में बांटा गया है।