
US-Iran Ceasefire: अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी जंग अब थमती दिख रही है। ट्रंप के ईरान को तबाह करने की डेडलाइन पूरी होने से पहले सीजफायर का ऐलान हो चुका है। इस सीजफायर पर अब भारत का भी पहला रिएक्शन आ गया है। विदेश मंत्रालय ने इसका स्वागत किया है उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी बयान दिया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्तों के लिए अस्थाई युद्धविराम का ऐलान किया। उन्होंने साफ किया कि बातचीत को टेबल तक लाने के लिए मैंने सीजफायर पर सहमति दी है।
विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हुए सीजफायर पर भारत की प्रतिक्रिया आई। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने बयान जारी करते हुए कहा, “हम संघर्ष-विराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हमने पहले भी लगातार जोर दिया है, जारी संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति अत्यंत आवश्यक हैं।”
बयान में कहा गया कि इस संघर्ष की वजह से लोगों को पहले ही भारी कष्ट उठाना पड़ा है और इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क भी बाधित हुए हैं। हमें उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर नौवहन की अबाधित स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार का प्रवाह बना रहेगा।
ईरान से टोल देने पर नहीं हुई कोई बातचीत- MEA
साथ ही विदेश मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि होर्मुज से शिप पास करने के लिए टोल देने पर ईरान के साथ भारत की कोई बातचीत नहीं हुई है।
शर्तों के साथ दो हफ्तों का सीजफायर
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध 28 फरवरी से जारी था, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। न तो अमेरिका और इजरायल के हमले थम रहे थे और न ही ईरान झुकने को तैयार हो रहा था। हालांकि अब दोनों पक्षों में कुछ शर्तों के साथ दो हफ्तों के सीजफायर से जंग थमती नजर आ रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अस्थाई युद्ध विराम को लेकर कहा कि आने वाले समय में यह Middle East का ‘स्वर्ण युग’ साबित हो सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के सारे सैन्य लक्ष्य पूरे हो चुके हैं और अब ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए भी तैयार है। विश्व शांति के लिए आज का दिन बहुत बड़ा है।