
UP Gehu MSP Hike 2026-27: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के करोड़ों किसानों को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं के MSP में शानदार बढ़ोतरी का ऐलान किया है। खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार ने इस बार MSP में 160 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
बता दें, यूपी CM योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 23 मार्च यानी सोमवार को कैबिनेट बैठक हुई। इसमें यह तय किया गया कि इस सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद नई दरों पर की जाएगी। नई दरों के तहत इस बार MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पिछले साल 2425 रुपये प्रति क्विंटल था।
इसके अलावा किसानों को एक्सट्रा फायदा देने के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल की राशि भी दी जाएगी, जो सफाई, छंटाई और हैंडलिंग जैसे खर्चों के लिए होगी। इस अतिरिक्त राशि को मिलाकर किसानों को अपनी उपज पर कुल ₹2,605 प्रति क्विंटल का लाभ मिलेगा।
खरीद प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल
सरकार ने गेहूं खरीद के लिए समय-सीमा और लक्ष्य भी निर्धारित कर दिए हैं ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। शेड्यूल के मुताबिक, गेहूं खरीदी 30 मार्च 2026 से शुरू होगी, जो 15 जून 2026 तक चलेगी। इस दौरान राज्य में आठ क्रय एजेंसियों द्वारा खरीद होगी और 6,500 खरीद केन्द्र सभी 75 जिलों में संचालित किए जाएंगे।
इस बार सरकार का लक्ष्य है कि किसानों से ज्यादा से ज्यादा गेहूं खरीदा जाए। इसीलिए, CM योगी ने इस बार कुल खरीद लक्ष्य 50 लाख टन कर दिया है, जो पहले 30 लाख टन प्रस्तावित था। इसके लिए सरकार ने पंजीकरण, प्रचार और सभी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
इन एजेंसियों के माध्यम से होगी खरीद
सरकार ने खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 8 प्रमुख क्रय एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें खाद्य एवं विपणन विभाग (State Department of Food and Logistics), भारतीय खाद्य निगम (FCI), मंडी परिषद, पीसीएफ (PCF), नाफेड (NAFED), एनसीसीएफ (NCCF) शामिल हैं। इसके अलावा, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और एग्रो कंपनियों को भी खरीद की अनुमति रहेगी। हालांकि, इनके लिए शर्त यह है कि इनका बैंक बैलेंस 20 लाख रुपए होने चाहिए और एक वर्ष पूर्व का पंजीकरण होना चाहिए।
किसानों को सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था भी लागू की है। इसके लिए विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। फसल बेचने के बाद भुगतान सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजा जाएगा। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि क्रय केंद्रों पर पीने के पानी, छाया और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।