शिवहर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत ऋण स्वीकृत करने के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मांगने के आरोप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है।
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फतेहपुर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की। गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को बैंक का कामकाज सुबह से दोपहर 11:30 बजे तक लगभग ठप रहा, जिससे ग्राहक परेशान दिखे।
फतेहपुर थानाध्यक्ष राधेश्याम ने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
संतोष कुमार (35) झारखंड के रांची के निवासी हैं। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस के मुताबिक, फतेहपुर थाना क्षेत्र के कहतरवा निवासी रोशन कुमार (पिता विनय साह) ने शिकायत दर्ज कराई थी।

मैनेजर की फाइल फोटो।
मैनेजर ने 1.90 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी रोशन कुमार का आरोप है कि PMEGP के तहत 8 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराने और उस पर मिलने वाले 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिलाने के लिए बैंक मैनेजर ने 1.90 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत में कहा गया है कि जब रिश्वत की मांग पूरी नहीं की गई, तो संबंधित ऋण किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर स्वीकृत कर दिया गया।
लगातार बैंक के चक्कर लगाने और कोई समाधान न मिलने पर पीड़ित रोशन कुमार ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया।
इस गिरफ्तारी के बाद बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच पूरे दिन यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। पुलिस ने बताया कि इस मामले में न्यायालय के निर्देशानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।