5 जुलाई को बिहार के सभी जिलों में आरजेडी का स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इससे पहले बुधवार को पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित पार्टी ऑफिस में स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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इस दौरान लालू यादव के सामने सीनियर नेताओं ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को सुनाया। कहा कि घर से निकलिए, लोगों से मिलिए।
भास्कर की खास रिपोर्ट में पढ़िए, राजद के सीनियर नेताओं ने पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव को कौन सी 5 नसीहत दी?
सबसे पहले जानिए लालू यादव ने क्या कहा
लालू यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा-’लड़ता रहा हूं, आगे भी लड़ता रहूंगा।’ इसके बाद पार्टी के दूसरे नेताओं ने अपनी बात रखी।
तेजस्वी को सीनियर नेताओं ने खूब नसीहतें दीं, आईना दिखाया। अब तक लोग आपसी बातचीत में कहते थे कि तेजस्वी से मिलना मुश्किल है। वह नेता प्रतिपक्ष की भूमिका ठीक से नहीं निभा रहे। कुछ खास लोगों से घिरे रहते हैं। वे तेजस्वी को आम लोगों से मिलने नहीं देते।
कार्यक्रम में इन सब बातों को आरजेडी के सीनियर नेताओं ने हू-ब-हू तो नहीं, लेकिन घुमा-फिरा कर जरूर कहा।

स्थापना दिवस कार्यक्रम के मंच पर तेजस्वी यादव से बात करते उदय नारायण चौधरी।
अब पढ़िए सीनियर नेताओं ने तेजस्वी को कौन सी 5 नसीहत दी?
1- आम कार्यकर्ता के लिए खिड़की-दरवाजा खोल दीजिए: उदय नारायण चौधरी
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने काफी सलीके से हाथ जोड़ते हुए तेजस्वी को नसीहत दी।
उन्होंने कहा, ‘लालू प्रसाद ने कर्मकांड का विरोध किया। सत्यनारायण कथा तक का विरोध किया था। इसलिए अंधविश्वास और रूढ़िवाद के खिलाफ हमें आंदोलन चलाना पड़ेगा।’
‘लालू प्रसाद ने अंधविश्वास के खिलाफ गरीब, दलित, किसान, अतिपिछड़ों सबको जाग्रत किया। सीतामढ़ी के दंगा में उन्होंने खुद जाकर कैंप कर दिया था। जब तक दंगा शांत नहीं हुआ मुख्यमंत्री के रूप में वहीं रहे थे।’
‘अब तेजस्वी यादव का नया जमाना है। लालू प्रसाद गांव के मजदूरों-किसानों से जुड़े। मैं थोड़ा सा आग्रह तेजस्वी यादव से भी करता हूं। मैं हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि एक-दो घंटा के लिए आम कार्यकर्ता के लिए खिड़की-दरवाजा खोल दीजिए।’

2- थोड़ा वक्त जिला के अंदर दीजिए: अली अशरफ फातमी
अली अशरफ फातमी ने कहा, ‘मैं तेजस्वी यादव से उम्र में उनसे बड़ा हूं। उनसे एक ही निवेदन करना चाहूंगा। मेहरबानी करके थोड़ा वक्त जिला के अंदर दीजिए। आप समय दीजिएगा तो नौजवान, महिलाएं और हर वर्ग के लोग साथ आएंगे।’
‘युवा पीढ़ी को आप पर भरोसा है। आपके नेतृत्व में काफी वोट आरजेडी को मिला है। इसको आप महसूस कीजिए। बड़ी संख्या में मुसलमान आपके साथ हैं। हम अगले लोकसभा और असेंबली चुनाव तक बैठेंगे नहीं, लोगों से मिलेंगे, संघर्ष करेंगे।’ 3- बिहार की यात्रा कीजिए: सुधाकर सिंह
बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने कहा, ‘आरजेडी ने सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई लड़ी है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आगे आर्थिक न्याय की लड़ाई होगी।’
‘जब तक हम आर्थिक न्याय की लड़ाई नहीं लड़ेंगे, सामाजिक न्याय की लड़ाई अधूरी मानी जाएगी। इसके लिए पूरा बिहार राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं की तरफ, नेताओं की तरफ टकटकी लगाकर देख रहा है।’
‘इस महाभियान के लिए गांव की गलियों तक पहुंचना है। आज पूरा बिहार सरकार की नीतियों से भड़का हुआ है। भंडा फूट चुका है। हमलोगों को केवल आगे बढ़ने की जरूरत है।’

4- तेजस्वी यादव बिहार का दौरा करें: अभय कुशवाहा
सांसद अभय कुशवाहा बोले, ‘एक बात यहां कहना चाहता हूं कि हमारे ही समाज के कुछ लोग रास्ते से भटका रहे हैं। उन्हें संभालना होगा। तेजस्वी यादव बिहार का दौरा करें। इनका प्रभाव बिहार ही नहीं पूरे देश में है।’
‘एनडीए की सरकार लालू प्रसाद के कार्यकाल को जंगल राज कहती है। लालू प्रसाद का 15 साल का शासनकाल वंचित समाज के लिए वंचित राज था। उनकी देन है कि बिहार में अब पिछड़ा, दलित,अति पिछड़ा या अल्पसंख्यक ही मुख्यमंत्री बनेगा।’
5- गरीबों के दरवाजे पर उठना-बैठना होगा: अब्दुलबारी सिद्दीकी
पूर्व मंत्री अब्दुलबारी सिद्दीकी ने कहा, ‘जनता सब देखती है कि कौन किस तरह से काम करता है। हम स्थापना दिवस पर इकट्ठा हुए हैं और खुशी मना रहे हैं तो संकल्प लें कि अपने से कमजोर को आगे बढ़ाएं।’
‘लालू प्रसाद ने सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता की बातें की। उनके विरोधी जीत नहीं सकें तो झूठे केस में फंसाना शुरू किया। अपने बाप-दादा का इतिहास नई पीढ़ी को बताना जरूरी है। शिक्षित-प्रशिक्षित करना जरूरी है।’

तेजस्वी यादव ने सीनियर नेताओं की ओर से आईना दिखाने पर क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा, ‘भीड़ को मत देखिए, संगठन पर फोकस कीजिए। तमाम वरिष्ठ नेताओं को जनता के बीच जाना चाहिए। मैं यात्रा पर गया भी हूं, लोगों से मिला भी।’
‘जरूरत इस बात कि है कि संगठन को बूथ स्तर तक कैसे मजबूत किया जाए, इस पर फोकस करना चाहिए।’
अपने भाषण में तेजस्वी यादव के निशाने पर सबसे अधिक सम्राट चौधरी रहे। उन्होंने राबड़ी देवी से आवास वापस लेने और सुरक्षा कम करने पर बात की।
तेजस्वी ने गिनाया कि लालू प्रसाद ने सम्राट चौधरी, उनके पिता, मां और भाई के लिए क्या-क्या किया। उन्होंने आवास आवंटन से लेकर सुरक्षा मामले में नियम का पालन करने की मांग की।