
R. Bharat Sangam 2026: ‘आर. भारत संगम 2026’ में आज आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। इस खास कार्यक्रम में कथावाचक रसराज जी महाराज ने शिरकत की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भगवान हनुमान के चरित्र और उनकी असीम शक्तियों पर प्रकाश डालते हुए एक ऐसी बात कही, जिसने वहां मौजूद दर्शकों के दिलों को छू लिया।
महाराज जी ने कहा, ‘जीवन में जब रास्ते बंद दिखने लगें और ऐसी परिस्थिति आ जाए जहां कोई भी समाधान नजर न आए, वहां जो समाधान निकाल दे- उन्हीं का नाम हनुमान है।’
संकटमोचन में हैं असंभव को संभव करने वाली शक्ति
रसराज जी महाराज ने हनुमान जी को मात्र एक देवता नहीं, बल्कि ‘मैनेजमेंट और संकल्प’ का सबसे बड़ा प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तनाव और डिप्रेशन से जूझ रही है क्योंकि वे छोटी सी बाधा आने पर हार मान लेते हैं। उन्होंने रामायण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब समुद्र लांघने की बात आई या लक्ष्मण जी के प्राण बचाने के लिए संजीवनी बूटी लाने की, हर जगह ‘असंभव’ शब्द खड़ा था। लेकिन हनुमान जी ने अपनी बुद्धि और बल से उस असंभव को संभव कर दिखाया। महाराज जी के अनुसार, हनुमान जी हमें सिखाते हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो ब्रह्मांड की कोई भी ताकत आपको रोक नहीं सकती।
मंच से जब उनसे पूछा गया कि आखिर हनुमान जी अपने भक्तों से क्या चाहते हैं? तो रसराज जी महाराज ने बहुत ही गहरा उत्तर दिया। उन्होंने कहा हनुमान जी केवल भक्ति नहीं, बल्कि सेवा चाहते हैं। जैसे उन्होंने बिना किसी पद के लालच के प्रभु श्री राम की सेवा की, वैसे ही वे चाहते हैं कि मनुष्य समाज और राष्ट्र की सेवा करे।
महाराज जी ने बताया कि हनुमान जी के पास असीम शक्ति थी, लेकिन उनमें लेशमात्र भी अहंकार नहीं था। वे चाहते हैं कि उनका भक्त सामर्थ्यवान होकर भी विनम्र रहे। ‘हनुमान जी चाहते हैं कि हम अपनी सोई हुई शक्तियों को पहचानें। हम सब में एक हनुमान छिपा है जो सत्य और धर्म के लिए लड़ने का साहस रखता है।’
यह कार्यक्रम शब्दों, संगीत और ऊर्जा का सुंदर मेल है। यहां आपको कला, संस्कृति, अभिनय, हंसी और प्रेरणा- सब कुछ एक साथ देखने को मिलेगा। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क की ओर से आप सभी ‘संगम’ के लिए आमंत्रित हैं। आइए साहित्य, संगीत और भारतीय संस्कृति के इस खास कार्यक्रम का हिस्सा बनिए।
‘संगम’ को कामयाब बनाने में कई स्पॉन्सर आगे आए हैं, जिसके लिए हम उन्हें धन्यवाद देते हैं।