
PM Modi address to Nation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (18 अप्रैल) देश की जनता को संबोधित करने वाले हैं। वे रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का जब भी देश के नाम संबोधन का ऐलान होता है, तो इससे पहले चर्चाएं शुरू हो जाती हैं कि क्या वे कोई बड़ा ऐलान करने वाले हैं?
महिला आरक्षण पर रखेंगे सरकार का पक्ष?
जब-जब पीएम मोदी का देश के नाम यूं संबोधन हुआ तो उन्होंने नोटबंदी, कोरोना के समय लॉकडाउन जैसे कई बड़े-बड़े ऐलान किए हैं। हालांकि इस बार माना जा रहा है कि वे महिला आरक्षण से जुड़े बिल पर अपने विचार रख सकते हैं।
पीएम मोदी का ये संबोधन लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिल के गिरने के एक दिन बाद हो रहा है। ऐसे में उनका संबोधन इससे जुड़ा ही हो सकता है। इस दौरान पीएम मोदी विपक्ष को घेर सकते हैं। साथ ही बिल को लेकर जनता के सामने सरकार का पक्ष रख सकते हैं।
संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े बिल लाए गए थे, लेकिन लोकसभा में वे पारित नहीं हो पाए। 21 घंटे तक चली लंबी चर्चा के बाद जब बिल पर वोटिंग हुई तो इसके पक्ष में 298 वोट और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि बिल को पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की जरूरत थी। 12 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब मोदी सरकार सदन में किसी बिल को पास नहीं करा पाई है।
महिला आरक्षण से जुड़े बिल पास न होने को एक तरफ विपक्ष जहां इसे लोकतंत्र की जीत बता रहा है। तो वहीं बीजेपी और एनडीए की ओर से विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया जा रहा है।
विपक्ष ने महिलाओं को हराया, अंजाम भुगतेगा- बैठक में बोले PM मोदी
महिला आरक्षण से जुड़े बिल गिरने के बाद शनिवार (18 अप्रैल) को मोदी कैबिनेट की बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने बैठक में विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सरकार को नहीं देश की महिलाओं को हराया है। उन्हें इसका अंजाम भुगतना होगा।
सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने बैठक में इस मुद्दे को जन-जन और गांव गांव तक लेकर जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की मंशा को जगजाहिर करेगी। अपनी गलती को छिपाने के लिए विपक्ष बहाने और तर्क ढूंढ रहा है।
पीएम मोदी ने बैठक में मंत्रियों और नेताओं को एक कहा कि यह संदेश देश के हर गांव तक पहुंचाया जाए कि विपक्ष की सोच महिलाओं के प्रति नकारात्मक है। यह मुद्दा सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जन-जन तक ले जाना जरूरी है।