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NHRC Seeks Report from DM


अस्पताल में इलाजरत बच्चे (फ़ाइल फोटो)

नालंदा के नगरनौसा प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय कैला में पिछले बुधवार को मध्याह्न भोजन खाने से अचानक 60 बच्चों के बीमार होने का मामला सामने में आया था। भोजन ग्रहण करने के तुरंत बाद बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की, जिसके बाद कई बच्च

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आनन्-फानन में विद्यालय प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सभी बीमार बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नगरनौसा और चंडी रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, कुछ बच्चों की अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल रेफर किया गया था।

NHRC ने लिया स्वतः संज्ञान, जिला प्रशासन को नोटिस

नालंदा में हुए इस बड़े हादसे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए नालंदा के जिलाधिकारी (DM) को आधिकारिक नोटिस जारी किया है।

आयोग ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले पर दो सप्ताह के अंदर विस्तृत और गहन रिपोर्ट तलब की है, जिसमें बच्चों के इलाज, भोजन की गुणवत्ता और लापरवाही बरतने वालों पर की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी मांगी गई है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

जांच में हुआ नियमों की घोर अनदेखी का खुलासा

हादसे के बाद जब विभाग की ओर से जांच कराई गई, तो विद्यालय प्रबंधन की बेहद चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पत्रांक 328 के तहत मिड-डे मील योजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए थे। नियम के मुताबिक, प्रतिदिन भोजन परोसने के बाद एक निर्धारित प्रपत्र (प्रमाण-पत्र) तैयार करना अनिवार्य है, जिस पर हेड मास्टर के साथ-साथ विद्यालय में उपस्थित सभी शिक्षकों के हस्ताक्षर होने आवश्यक हैं।

जांच में पाया गया कि स्कूल में पदस्थापित कुल 10 शिक्षकों में से केवल कुछेक ने ही दैनिक प्रमाण-पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इतना ही नहीं, विद्यालय में पिछले महीनों के भी प्रमाण-पत्र संधारित (प्रिजर्व) नहीं पाए गए थें।

वेतन कटौती और चयनमुक्ति की लटकी तलवार

जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा ने इस लापरवाही को अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका और वहां कार्यरत सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को तत्काल प्रभाव से कारण बताओ (शो-कॉज़) नोटिस जारी किया था।

अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज

जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देशानुसार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजीव रंजन तिवारी ने नगरनौसा थाना में लिखित आवेदन देकर अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है



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