
लोकसभा में एंटी पेपर लीक पर चर्चा जारी है। बिल पर संसद में बोलते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद शिक्षा, परीक्षाओं और विश्वविद्यालय व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने मांग की की NEET पेपर लीक होने के बाद जिन छात्रों ने अपनी जान दे दी उनके परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा मिले।
अखिलेश यादव ने कहा, “जबसे भाजपा की सरकार आई है, शिक्षा, परीक्षा और यूनिवर्सिटी सिस्टम को खत्म करने और हर चीज को एक जैसा बनाने की लगातार कोशिशें हो रही हैं। इससे युवाओं में धीरे-धीरे गुस्सा बढ़ता गया। NEET मामले के बाद न सिर्फ छात्र एकजुट हुए, बल्कि उनके परिवार भी उनके साथ आ खड़े हुए। यही वजह है कि यह आंदोलन इतना बड़ा हो गया और दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी को झुकना पड़ा।”
‘प्रधान’ को हटाकर, आपने ‘प्रधानमंत्री’ को बचा लिया-अखिलेश
लोकसभा में बोलते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, ‘जब पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे, तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया। सोचिए सदस्यों को कितनी बड़ी राहत मिली होगी और वे किस बड़े संकट से बच गए। एक ‘प्रधान’ को हटाकर, आपने ‘प्रधानमंत्री’ को बचा लिया।”
एंटी पेपर लीक, 2026 पर क्या बोले अखिलेश?
एंटी पेपर लीक, 2026 पर बोलते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, “जो लोग चढ़ावे की चोरी नहीं रोक पाए, वे पेपर लीक कैसे रोक सकते हैं? उन्होंने मौजूदा कानून में बस एक संशोधन पेश किया है। आप किसे धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं? अगर कानून असरदार होता, तो BJP के दस साल के कार्यकाल में 20 परीक्षाओं के पेपर कैसे लीक हो गए? हमारी सरकार से मांग है कि NEET पीड़ितों के परिजनों को 1 करोड़ का मुआवजा मिले।