
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज, 9 मार्च से शुरू होगा। मीडिल ईस्ट के ताजा हालात पर विदेश मंत्री एस जयशंकर लोकसभा में जवाब देंगे। इस दौरान संसद में हंगामे के आसार है। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर संसद में तीखी बहस होने की संभावना है। विपक्ष ने पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर चर्चा की मांग की है। इसके अलावा ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी और पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR पर घमासान को लेकर भी संसद के दोनों सदनों में हंगामे के आसार हैं।
बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है, जिस पर लोकसभा में चर्चा होने वाली है। इस प्रस्ताव पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं, और तृणमूल कांग्रेस (TMC) समेत कई विपक्षी दल इसका समर्थन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष ने पहले चरण में विपक्षी नेताओं को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया और कुछ सांसदों को निलंबित करने जैसे फैसलों में पक्षपात किया गया। सत्ता पक्ष इस प्रस्ताव को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे रहा है। वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर आज लोकसभा में पश्चिम एशिया के हालात पर बोलेंगे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को लोकसभा में ईरान पर इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में बदलते हालात को लेकर बयान देंगे। साथ इस जंग में भारत का क्या रुख है, इस पर भी विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे। वो सदन को भारत की कूटनीतिक स्थिति, खाड़ी देशों में रहने-काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सरकार की डिप्लोमैटिक पहल के बारे में जानकारी देंगे। जयशंकर ने पहले भी इस संकट पर संयम, संवाद और बातचीत की जरूरत पर जोर दिया है।
विपक्षी दल पहले से ही ईरान के प्रति सरकार के रुख, भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा दी गई छूट और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर है। ऐसे में सदन में आज भी भारी हंगामे के आसार हैं। बजट सत्र के दूसरे चरण में साल 2026-27 के लिए विभिन्न मंत्रालयों के अनुदान की मांगों और वित्त विधेयक, 2026 को पारित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। संसद के दोनों सदन पांच-पांच मंत्रालयों के कामकाज और अनुदान संबंधी मांगों पर भी चर्चा करेंगे।