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गोपालगंज में भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच जनजीवन प्रभावित होने के बाद जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है।
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गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के समय में तत्काल प्रभाव से बदलाव का आदेश जारी किया है।
यह निर्णय लगातार बढ़ते तापमान और लू (हीटवेव) की स्थिति को देखते हुए लिया गया है, ताकि बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बचाया जा सके।
11:30 बजे के बाद कक्षा 5 तक की पढ़ाई पर रोक
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार कक्षा 5 तक के सभी सरकारी, निजी स्कूलों, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में सुबह 11:30 बजे के बाद किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि नहीं होगी।
इसके बाद बच्चों को स्कूल परिसर में रोककर पढ़ाई या अन्य गतिविधियां नहीं कराई जाएंगी।
कक्षा 6 से 8 तक के लिए भी समय सीमा तय
आदेश में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए भी समय सीमा निर्धारित की गई है। इन कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियां दोपहर 12:30 बजे के बाद स्कूल परिसर में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।
इसका उद्देश्य बच्चों को अत्यधिक गर्मी और लू से बचाना है।
आदेश 27 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा
यह नया समय-निर्धारण 23 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक पूरे जिले में लागू रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद इस आदेश को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने साफ किया है कि यह आदेश केवल विद्यार्थियों के लिए लागू होगा। शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार स्कूल में उपस्थिति और कार्य करना होगा।
स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि नई समय-सारणी के अनुसार कक्षाओं का पुनर्निर्धारण किया जाए।
उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी सरकारी या निजी विद्यालय इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामलों में आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भीषण गर्मी में छोटे बच्चों पर हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
स्कूलों को दिए गए जरूरी निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को कुछ महत्वपूर्ण एहतियाती कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं स्कूल परिसर में शुद्ध और ठंडे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था। आपात स्थिति के लिए ओआरएस की उपलब्धता। प्राथमिक चिकित्सा किट का अनिवार्य प्रावधान। बच्चों को धूप में बाहर न निकलने की सलाह। समय-समय पर पानी पीने के लिए प्रेरित करना।
लू से बचाव पर विशेष जोर
प्रशासन ने कहा है कि गर्मी के इस मौसम में बच्चों को लू से बचाना सबसे जरूरी है। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे तेज धूप में किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि न करें।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को घर से पर्याप्त पानी पिलाकर ही स्कूल भेजें और मौसम को देखते हुए उनकी सेहत पर ध्यान दें।