
Delhi Vivek Vihar Tragedy: रविवार (3 मई) को दिल्ली के विवेक विहार इलाके में हुए अग्निकांड ने सबको झकझोर कर दिया। यहां चार मंजिला एक बिल्डिंग में आग लगने से अब तक 9 लोगों की मौत हो गई है। दुर्घटना कितनी भयावह थी, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि आग लगने से जिंदा जले लोगों के शव कंकाल बन चुके हैं। उनकी पहचान नहीं हो रही है। ऐसे में अब DNA जांच से ही उनकी पहचान संभव है।
पूरी बिल्डिंग में फैल गई आग
हादसा तड़के 3 बजे के आसपास हुआ। लोग अपने घरों में आराम से सो रहे थे। जानकारी के अनुसार तभी अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से AC में ब्लास्ट हुआ। आग देखते ही देखते तेजी से पूरी बिल्डिंग में फैलन लगी। लोगों को बाहर निकलने का भी समय नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में इलेक्ट्रॉनिक लॉक वाले दरवाजे लगे हैं, जो हादसे के समय खुले ही नहीं। ऐसे में दम घुटने की वजह से लोगों की मौत हो गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाकर रेस्क्यू शुरू कर दिया। इस दौरान बिल्डिंग की अलग-अलग मंजिल से शव मिले। पहले फ्लोर से एक शव, तो वहीं दूसरे से पांच लाशें बरामद हुई। यही नहीं, तीन शव सीढ़ियों पर मिले। लोग छत पर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसका गेट बंद था।
मृतकों के नाम आए सामने
1. अरविंद, छोटे लाल के बेटे; उम्र 60 साल
2. अनीता जैन, अरविंद जैन की पत्नी; उम्र 58 साल
3. निशांत जैन, अरविंद जैन के बेटे; उम्र 35 साल
4. आंचल जैन, निशांक जैन की पत्नी; उम्र 33 साल
5. मास्टर आकाश जैन, निशांक जैन के बेटे; उम्र 1.5 साल
पहली मंजिल पर मृतक:
1. शिखा जैन, नवीन की पत्नी; उम्र 45 साल
तीसरी मंजिल पर मृतक: एक परिवार
1. पति – नितिन जैन; उम्र 50 साल
2. पत्नी – शैले जैन; उम्र 48 साल
3. बेटा – सम्यक जैन; उम्र 25 साल
DFS अधिकारी ने क्या-क्या बताया?
DFS अधिकारी मुकेश वर्मा ने हादसे को लेकर बताया कि सुबह 3:47 बजे एक रिहायशी इमारत में आग लगने की रिपोर्ट मिलते ही, हमारी दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। हमने एक साथ आग बुझाने और बचाव अभियान चलाने के लिए 5 सीढ़ियां, कटिंग टूल्स और अपनी खास टर्नटेबल सीढ़ी तैनात की। इस इमारत में 4 मंजिलें हैं और हर मंजिल पर 4BHK फ्लैट हैं। आग का ज्यादातर हिस्सा इमारत के पिछले हिस्से में फैला हुआ था और वहीं हमें सबसे ज्यादा हताहत लोग मिले।
उन्होंने बताया कि खिड़कियों पर सुरक्षा ग्रिल और सलाखें लगी हुई थीं, जिससे बचाव अभियान के दौरान मुश्किलें आईं। हमने लगभग 15 लोगों को बचाया। उनमें से एक व्यक्ति के शरीर का लगभग 30% हिस्सा जल गया था और उसे बाद में GTB अस्पताल में भर्ती कराया गया।
DFS अधिकारी ने कहा कि आग लगने का कारण अभी जांच का विषय है। पुलिस इस मामले की जांच करेगी और इस बारे में एक रिपोर्ट सौंपेगी।अभी तक, हमने जितने भी शव बरामद किए हैं, वे सभी जले हुए हैं। हम उन सभी को एम्बुलेंस से अस्पताल ले गए हैं।