मुजफ्फरपुर16 मिनट पहले
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दरभंगा के जाले प्रखंड में पदस्थापित बीडीओ मनोज कुमार की पत्नी अमृता कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मौत के बाद अब बीडीओ के कन्हौली स्थित घर से सामने आए CCTV फुटेज ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
फुटेज में अमृता के साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट और घसीटने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। मायके वालों का दावा है कि यही वीडियो इस बात का सबूत है कि अमृता को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों ने यह फुटेज पुलिस को भी सौंप दिया है।

सीढ़ी से घसीटने का वीडियो आया सामने।
CCTV में कैद हुई प्रताड़ना
बताया जा रहा है कि दोनों फुटेज एक साल पुराना 19 मार्च 2025 की है। एक फुटेज करीब 1 मिनट 18 सेकेंड और दूसरा करीब 1 मिनट का है। वीडियो में अमृता को ससुर, सास, ननद और देवर मिलकर घर से बाहर खींचते और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
एक फुटेज में उसे सीढ़ियों पर घसीटते हुए ले जाया जा रहा है, जबकि दूसरे में जिला प्रशासन लिखी गाड़ी में जबरन बैठाने के दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट होती नजर आ रही है। इन वीडियो के सामने आने के बाद मायके पक्ष के प्रताड़ना के आरोपों को बल मिला है।

सीसीटीवी फुटेज में जबरन कार में बिठाते दिखे।
भाई के बयान पर दहेज हत्या की एफआईआर
मामले में रविवार को मिठनपुरा थाना में अमृता के भाई राजकुमार के बयान पर दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में पति मनोज कुमार, सास, ससुर, देवर और ननद को नामजद किया गया है। आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में दहेज की मांग को लेकर अमृता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
परिजन का आरोप है कि अमृता को पति के किसी दूसरी महिला से संबंध होने की जानकारी मिली थी। इसका विरोध करने पर परिवार के अन्य सदस्य भी उसके खिलाफ हो गए और प्रताड़ना बढ़ा दी गई। आरोप है कि शुक्रवार रात उसे नशीला पदार्थ देकर उसकी हत्या कर दी गई।
अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नहीं बच सकी जान
मायके पक्ष के अनुसार, शुक्रवार देर रात अमृता को अचेत अवस्था में मिठनपुरा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलने पर मायके वाले भी पहुंचे। बेहतर इलाज के लिए उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव और हाथापाई की स्थिति भी बनी, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।

मौके पर जुटी लोगों की भीड़।
प्रेम कहानी से शादी तक का सफर
BDO मनोज कुमार और अमृता की मुलाकात वर्ष 2015 में बीपीएससी की तैयारी के दौरान हुई थी। अमृता भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई।
वर्ष 2018 में मनोज कुमार का चयन रक्षा मंत्रालय में ऑडिटर के पद पर हुआ। बाद में वर्ष 2020 में दोनों ने कोर्ट मैरिज की। वर्ष 2022 में मनोज कुमार का चयन बीडीओ पद पर होने के बाद दोनों परिवारों की सहमति से सामाजिक रीति-रिवाज के साथ विवाह हुआ। शादी के कुछ समय बाद तक संबंध सामान्य रहे, लेकिन पिछले करीब एक वर्ष से दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा।
घटना की रात मौजूदगी पर भी सवाल
घटना के बाद यह कहा गया कि बीडीओ मनोज कुमार पटना में प्रशिक्षण पर थे। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि घटना वाली रात वह कन्हौली स्थित घर पर ही मौजूद थे और अपनी गाड़ी से पत्नी को अस्पताल लेकर गए थे। मौत के बाद उनके वहां से निकल जाने की भी चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस घर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाले तो उनकी मौजूदगी की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

एंबुलेंस से लाया गया था शव।
अमृता पर मारपीट का लगाया था आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, मामले में आरोपी पक्ष की ओर से पूर्व में एक सनहा दर्ज कराया गया था। जिसमें मृतका अमृता पर सास के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया था।
पुलिस कर रही छापेमारी
मिठनपुरा थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही सामने आए CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
