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बक्सर में भाजपा नेता दुर्गेश उपाध्याय विद्रोही ने नगर थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया है। यह परिवाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में दाखिल किया गया है। विद्रोही को बीते 27 जून को शराब के नशे में पकड़े जाने के मामले में चर्चा मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने सुनियोजित तरीके से उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की। विद्रोही का कहना है कि उन्हें बदनाम करने की नीयत से उनकी तस्वीर हाजत में ली गई और उसे सार्वजनिक किया गया। ”घटनाक्रम को एक साजिश के तहत अंजाम दिया” परिवाद में दुर्गेश उपाध्याय विद्रोही ने दावा किया है कि उनके खिलाफ की गई पूरी कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हाजत में बंद करने के बाद उनकी तस्वीर खींची गई और उसे मीडिया में वायरल कराया गया, जिससे उनकी वर्षों की सामाजिक प्रतिष्ठा और राजनीतिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। विद्रोही ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकी दी और पूरे घटनाक्रम को एक साजिश के तहत अंजाम दिया। विद्रोही ने न्यायालय से मामले की निष्पक्ष सुनवाई करने और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। धमकी देने जैसे आरोपों से इनकार उन्होंने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि अदालत तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर न्याय करेगी। उन्होंने दावा किया कि यह केवल एक सामान्य पुलिस कार्रवाई नहीं थी, बल्कि उनकी सार्वजनिक छवि को खराब करने का एक सुनियोजित प्रयास था। दूसरी ओर, नगर थानाध्यक्ष ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि 27 जून की घटना में पुलिस ने उपलब्ध तथ्यों और विधि सम्मत प्रावधानों के अनुसार ही कार्रवाई की थी। मामला एक बार फिर चर्चा में थानाध्यक्ष ने साजिश रचने, तस्वीर वायरल कराने और धमकी देने जैसे आरोपों से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन कानून के दायरे में रहकर किया है। नगर थानाध्यक्ष ने यह भी कहा कि मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। वे अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे। उन्हें विश्वास है कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। मानहानि का यह वाद दायर होने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब सभी की निगाहें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में होने वाली आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।
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