
रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या नगरी हर्षोल्लास से गूंज रही है। भगवान राम के जन्मोत्सव को लेकर पूरे शहर में खास तैयारियां की गई हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग रामलला के दर्शन के लिए रामनगरी पहुंचे हैं। दोपहर 12 बजे रामलला के माथे पर सूर्य की किरणों से विशेष सूर्य तिलक का अलौकिक दृश्य देखने को मिलेगा। वहीं, रामनवमी पर बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले में पूर्व पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की थी।
इकबाल अंसारी ने कहा,”आज रामनवमी का मेला है हमारे यहां चैत्र नवमी में भगवान राम का महत्व है और अयोध्या में लोग दर्शन-पूजन करने आते हैं अयोध्या का प्रसाद और यहां की भगवान की मूर्ती बहुत से लोग लेकर जाते हैं। मैंने आज हमारे यहां सुरक्षा गार्ड है मैंने उनको भगवान राम की मूर्ति उपहार में दी है।
इकबाल अंसारी ने भेंट में दी रामलला की मूर्ति
इकबाल अंसारी ने आगे कहा, भगवान के दर्शन करे, उनके बताए हुए रास्ते पर चले यही हमारी श्रद्धा है यही श्रद्धा सभी होनी चाहिए इसलिए मैंने सुरक्षा गार्ड को ये मूर्ति दी है। उन्होंने अयोध्या को हिंदू-मुस्लिम सौहार्द का प्रतीक बताया और कहा कि राम नवमी का महत्व भक्ति और सद्भाव में है। वहीं, रामनवमी के इस पर्व पर अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
बता दें कि भगवान राम सूर्यवंशी होने के कारण उनके जन्म का समय दोपहर 12 बजे माना जाता है। ठीक इसी मुहूर्त पर वैज्ञानिक तकनीक (मिरर और लेंस की व्यवस्था) के माध्यम से सूर्य देव की किरणें रामलला के मस्तक पर लगभग चार मिनट तक पड़ेंगी। यह अनोखा दृश्य राम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों के लिए बड़े आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर को फूलों, रोशनी और दिव्य श्रृंगार से सजाया गया है।