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पटना में थानेदार और ASI को गोली मारने वाला अपराधी एनकाउंटर में ढेर हुआ है। मसौढ़ी में शुक्रवार की शाम किडनैपिंग केस में पुलिस और अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। अपराधियों की फायरिंग में मसौढ़ी थाने के अपर थानेदार राहुल कुमार और ASI संजय कुमार को गोली लगी। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए एक अपराधी हैदर को गोली मारकर ढेर कर दिया। ये मुठभेड़ शुक्रवार की शाम 7:15 बजे मसौढ़ी थाने से महज 400 मीटर दूर मणिचक तालाब के पास एक खेत में हुई। दोनों ओर से करीब 12 गोलियां चलीं। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने भी किडनैप किए युवक को छुड़वा लिया। अपराधी वहां से भाग निकले थे। इसके बाद पुलिस को सूचना मिली की एक बदमाश को गोली लगी है। उसके साथ उसे पटना के 4 अस्पतालों में ले गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… गोली लगने के बाद अपराधी भाग निकले पटना पूर्वी के पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया- 12 जून को शाम के 7 बजे के आसपास पुलिस को सूचना मिली थी अपराधियों ने एक युवक का अपहरण किया है। उसके साथ मारपीट की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग कर दी। इसमें 2 पुलिस वालों को गोली लगी है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अपराधी भाग निकले। पुलिस ने किडनैप हुए युवक को छुड़वाया। उसने बताया कि OLX पर मोबाइल बेचने-खरीदने के नाम पर उसे यहां बुलाया गया था। घायल पुलिस वालों को AIIMS में भर्ती किया गया है। दोनों की स्थिति खतरे से बाहर है। इसके बाद पता चला कि पुलिस की कार्रवाई में एक अपराधी को गोली लगी है। सभी अपराधी घायल को लेकर पहले पुनपुन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। इसके बाद उसे PMCH लेकर आए। यहां से मैक्स फिर पारस अस्पताल पहुंचे। मैक्स अस्पताल में अपराधी की मौत हो गई। उसका नाम हैदर है। हैदर की क्राइम हिस्ट्री है। 3-4 पहले जेल से बाहर आया था। बाकी अपराधियों की भी पहचान कर ली गई है। सभी से पूछताछ की जा रही है। घटना में 4 से 6 अपराधियों की बात सामने आ रही है। युवक का अपहरण किया, पुलिस पर गोलियां बरसाईं पूरी घटना संगत पर के रहने वाले रंजन कुमार के अपहरण से जुड़ी है। संगतपर का रहने वाला रंजन साइबर कैफे चलाता है और ऑनलाइन पुराने मोबाइल की खरीद-बिक्री करता है। मोबाइल के पैसों के लेनदेन को लेकर 6 हथियारबंद अपराधी कार से आए और रंजन को कॉल कर तालाब के पास बुलाया। वहां अपराधी उसे पास के खेत में ले गए और उसके साथ मारपीट की। बदमाशों ने युवक से तीन-चार मोबाइल और कैश भी लूट लिया। अपराधी रंजन को अपहरण कर ले जाने लगे। स्थानीय लोगों ने जब उसे बचाने की कोशिश की, तो गोली मारने की धमकी देकर उन्हें पीछे हटा दिया। इसके बाद लोगों ने डायल 112 और थाने को सूचना दी। सूचना मिलते ही अपर थानेदार राहुल कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस दौरान राहुल कुमार को दो गोलियां लगीं। एक पैर में और एक हाथ में। ASI संजय कुमार के हाथ में भी गोली लगी। अपर थानेदार को एम्स में किया गया भर्ती राहुल को एम्स में भर्ती किया गया। संजय को अनुमंडल अस्पताल में भर्ती किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से एक बाइक बरामद की है। तीन संदिग्धों को उठाया है। दो पुलिस अफसरों के घायल होने होने के बाद पटना पुलिस में खलबली मच गई। जानिए… मौके पर क्या हुआ शीशम के पेड़ की आड़ में पुलिस कर रही थी फायरिंग, तब बची जान घटनास्थल पर शीशम के कई पेड़ थे। फायरिंग शुरू होने पर पुलिसकर्मियों ने इन्हीं पेड़ों की आड़ लेकर अपनी जान बचाई। 6 अपराधियों की पहचान, छापेमारी जारी जांच के दौरान पता चला कि इस वारदात में लगभग 6 अपराधी शामिल थे। मृत अपराधी की पहचान मोहम्मद हैदर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हैदर का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं। मोहम्मद हैदर को पूर्व में हत्या के एक मामले में मसौढ़ी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। कुछ महीने पहले ही वह जेल से बाहर आया था। पुलिस का कहना है कि इस घटना में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
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